1. प्रोसेसिंग, लीगल और सरकारी फीस
हर होम लोन की शुरुआत कुछ अपफ्रंट चार्ज से होती है, जिन्हें ज्यादातर फर्स्ट-टाइम बायर्स नजरअंदाज कर देते हैं। प्रोसेसिंग और एडमिन चार्ज में बैंक आपकी एप्लीकेशन जांच, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और क्रेडिट चेक का खर्च जोड़ता है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के अनुसार, ये फीस आमतौर पर लोन अमाउंट का 0.25% से 1% तक होती है और कई बार कैप भी होती है। इसके अलावा लीगल और टेक्निकल वेरिफिकेशन के लिए बैंक प्रॉपर्टी की वैल्यू और टाइटल क्लियरेंस जांचता है। स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन बैंक कंट्रोल में नहीं होते, लेकिन ये बड़ा खर्च होते हैं और राज्य के हिसाब से बदलते हैं। अगर बैंक 'जीरो प्रोसेसिंग फीस' ऑफर दे रहा है, तो भी लीगल फीस, वैल्यूएशन चार्ज, MODT और एडमिन कॉस्ट पर मोलभाव जरूर करें।