क्या चांदी महंगी होने के पीछे ट्रंप? जानिए ₹2.50 लाख पहुंचने के 5 सबसे बड़े कारण

Published : Jan 06, 2026, 08:16 PM IST

Silver Rate Increase Reasons: 6 जनवरी को चांदी ग्लोबल मार्केट में 78 डॉलर प्रति औंस और भारत में ₹2.50 लाख तक पहुंच गई। ऐसे में सवाल उठ रहा,अचानक चांदी इतनी महंगी क्यों हो गई? क्या इसके पीछे डोनाल्ड ट्रंप की पॉलिसी जिम्मेदार है? जानिए 5 सबसे बड़े कारण

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इंडस्ट्री में चांदी की डिमांड जबरदस्त बढ़ी

अब चांदी सिर्फ गहनों या सिक्कों तक सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल सोलर पैनल, मोबाइल, लैपटॉप, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी, EV गाड़ियां और दवाइयों में हो रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2023 से 2025 तक चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड करीब 20% तक बढ़ी है। खासतौर पर सोलर एनर्जी की बढ़ती डिमांड ने चांदी को और महंगा बना दिया।

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अमेरिका में ब्याज दर घटी, निवेश चांदी की ओर भागा

जब बैंकों में ब्याज कम मिलता है, तो लोग FD और बॉन्ड से पैसा निकालने लगते हैं। अमेरिका के सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व ने पिछले साल 2025 में 0.5% की ब्याज दर कटौती की। इसका असर ये हुआ कि बैंक और बॉन्ड का रिटर्न कम, चांदी-सोना ज्यादा आकर्षक हुआ। जिससे निवेशकों ने चांदी में पैसा झोंक दिया। साथ ही, सस्ते लोन मिलने से इंडस्ट्री का प्रोडक्शन बढ़ा

और इससे चांदी की मांग और तेज हो गई।

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डॉलर कमजोर, चांदी मजबूत

डॉलर जब कमजोर होता है, तो चांदी जैसी कमोडिटी खरीदना सस्ता पड़ता है। 2025 में डॉलर इंडेक्स करीब 10% गिरकर 98.4 के आसपास आ गया। इसका नतीजा यह हुआ कि विदेशी निवेशकों ने ज्यादा चांदी खरीदी, शेयर और डॉलर से पैसा निकला, जिसकी वजह से चांदी की कीमत और ऊपर चली गई। इसी वजह से ग्लोबल मार्केट में चांदी 80 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंची और भारत में रेट ₹2.50 लाख के करीब निकल गए।

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दुनिया में जंग का माहौल, सुरक्षित निवेश की तलाश

एक्सपर्ट्स के अनुसार, आज दुनिया के करीब 30 देशों में जंग या तनाव जैसी स्थिति बनी हुई है। रूस-यूक्रेन, इजराइल-लेबनान और इजराइल-ईरान टकराव ने निवेशकों को डरा दिया है। ऐसे समय में लोग शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोना और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों में पैसा लगाते हैं। यही वजह है कि जैसे-जैसे तनाव बढ़ा, वैसे-वैसे चांदी की कीमत भी ऊपर जाती चली गई।

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ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी ने बिगाड़ा खेल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों पर टैरिफ लगाया। इसमें मैक्सिको भी शामिल है, जिस पर 50% तक टैरिफ लगाया गया। चूंकि मैक्सिको दुनिया का सबसे बड़ा चांदी उत्पादक देश है और 2024 में दुनिया की करीब 23% चांदी अकेले मैक्सिको से ही आई। टैरिफ बढ़ने का मतलब से सप्लाई में रुकावट का डर आया, बाजार में चांदी की कमी आई और फिर कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला। यानी यह सही है कि कहीं न कहीं ट्रंप की पॉलिसी का असर चांदी के रेट पर साफ दिख रहा है।

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