कितनी भरोसेमंद है बाजार की ये तेजी? जानें मार्केट में रिकवरी के 5 सबसे बड़े कारण

Published : Apr 08, 2025, 04:24 PM IST
Share market rally reason

सार

Stock Market Rally: सोमवार को बाजार में भारी गिरावट के बाद मंगलवार 8 अप्रैल को रिकवरी दिखी। अमेरिकी बाजारों में तेजी, RBI की नीति और निवेशकों की खरीदारी से बाजार में सुधार दिखा। क्या ये तेजी बरकरार रहेगी?

Stock Market Rally Today: ट्रंप के टैरिफ से डरे शेयर बाजार में सोमवार 7 अप्रैल को हाहाकार मच गया था। सेंसेक्स-निफ्टी दोनों 4% से ज्यादा टूट गए थे। हालांकि, मंगलवार 8 अप्रैल को इसमें कुछ हद तक रिकवरी देखने को मिली। BSE सेंसेक्स 1089 प्वाइंट, जबकि NSE निफ्टी 374 अंक उछलकर बंद हुआ। सोमवार को तगड़ी गिरावट के बाद आखिर मंगलवार को शेयर बाजार में तेजी की क्या वजहे हैं। ये तेजी आखिर कितनी भरोसेमंद है, जानते हैं।

वजह नंबर 1 - अमेरिकी-एशियाई बाजारों में तेजी

8 अप्रैल को शेयर बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह ग्लोबल मार्केट से मिले पॉजिटिव संकेत हैं। अमेरिकी और एशियाई बाजारों में उछाल के चलते सेंसेक्स-निफ्टी में भी बढ़त दिखी। जापान का Nikkei इंडेक्स तो 5.5% से ज्यादा उछल गया।

वजह नंबर 2 - RBI की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक

9 अप्रैल को रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी के फैसले आने हैं। माना जा रहा है कि RBI इस बार भी रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर सकता है। इस उम्मीद से बाजार में काफी हद तक खरीदारी लौटी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ग्लोबल ट्रेड में टेंशन को देखते हुए RBI नरम रुख अपनाते हुए रेपो रेट में कटौती कर सकता है।

वजह नंबर 3 - भारी गिरावट के बीच निवेशकों ने की खरीदारी

7 अप्रैल को शेयर बाजार में भारी गिरावट के बाद अगले दिन निवेशकों ने शेयर बाजार में काफी खरीदारी की। गिरावट के बीच इन्वेस्टर्स ने कई अच्छे स्टॉक में तगड़ी खरीदारी की, जिसका असर बाजार पर दिखा।

वजह नंबर 4 - कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है। क्रूड ऑयल 65 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ चुका है। ये अगस्त 2021 के बाद सबसे निचला स्तर है। कच्चे तेल की कीमतों में कमी ने भी बाजार को काफी सपोर्ट दिया।

वजह नंबर 5 - अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कमजोर डॉलर

अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड फरवरी के मध्य में 4.5% के आसपास से गिरकर 4.14% पर आ गई। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट से भारत जैसे उभरते बाजारों में पॉजिटिव सेंटीमेंट को बढ़ावा मिला। कमजोर डॉलर और कम अमेरिकी बॉन्ड यील्ड विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय शेयर बाजार को ज्यादा आकर्षक बनाते हैं। डॉलर के कमजोर होने पर विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय शेयर सस्ते हो जाते हैं।

20% और गिर सकता है मार्केट, किसने बढ़ाई टेंशन

दुनिया की सबसे बड़ी AMC कंपनी ब्लैकरॉक के CEO लैरी फिंक के मुताबिक, अमेरिका में मंदी की आशंकाओं के बीच शेयर मार्केट में अभी 20% की गिरावट और आ सकती है। टैरिफ बढ़ने की वजह से कीमतें बढ़ेंगी, जिससे महंगाई में इजाफा होगा। इसके अलावा चीन-अमेरिका में ट्रेड वॉर छिड़ने की आशंका के चलते भी महंगाई और मंदी दोनों बढ़ने की संभावना है। अगर अमेरिका-चीन जैसे देश मंदी में फंसते हैं तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। हालांकि, लंबे समय के लिए अगर कोई शेयर बाजार में निवेश करना चाहता है तो ये बढ़िया मौका हो सकता है।

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