
IMF growth rate announcement: इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड ने भारत के ग्रोथ रेट को घटा दिया है। आईएमएफ ने FY24 के लिए भारत का GDP ग्रोथ प्रोजेक्शन 20 bps यानी 0.20% घटा दिया है। कहा कि भारत की जीडीपी के 5.9% की दर से बढ़ने की उम्मीद है। पहले आईएफएफ ने जीडीपी के 6.1% की दर से बढ़ने की उम्मीद जताई थी। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का यह अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसान से काफी कम है। आरबीआई ने FY24 के लिए जीडीपी के 6.5% की दर से ग्रोथ का अनुमान लगाया था। अंतरराष्ट्रीय संस्था ने बताया कि वित्तीय वर्ष में भारत की रिटेल महंगाई 4.9% रहने की उम्मीद है।
फिर भी भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत के आर्थिक विकास के अनुमान को भले ही 6.1 प्रतिशत से घटाकर 5.9 प्रतिशत कर दिया है लेकिन वह दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। 2023-24 के वित्तीय वर्ष में 5.9 प्रतिशत की वृद्धि दर पिछले वर्ष के अनुमानित 6.8 प्रतिशत की तुलना में है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के ग्रोथ का अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुमान से कम है। जबकि आरबीआई 2022-23 में 7 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि और 1 अप्रैल से शुरू हुए चालू वित्त वर्ष में 6.4 प्रतिशत का अनुमान लगाया है। सरकार ने अभी तक 2022-23 के लिए पूरे साल के जीडीपी आंकड़े जारी नहीं किए हैं।
चीन का विकास दर 2023 में 5.2 प्रतिशत
चीन की विकास दर 2023 में 5.2 प्रतिशत और 2024 में 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है जबकि 2022 में इसकी विकास दर तीन प्रतिशत थी। वैश्विक अर्थव्यवस्था महामारी के शक्तिशाली झटकों और यूक्रेन पर रूस के अकारण युद्ध से धीरे-धीरे उबरने के लिए तैयार होता दिख रहा है। चीन अपनी अर्थव्यवस्था को फिर से खोलने के बाद जोरदार वापसी कर रहा है। आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवियर गौरिनचास ने कहा कि सप्लाई चेन की रुकावटें कम हो रही हैं जबकि युद्ध के कारण ऊर्जा और खाद्य बाजारों में अव्यवस्था कम हो रही है।
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