
Stock Market Rally: लंबी छुट्टी के बाद 15 अप्रैल को खुलते ही शेयर बाजार झूम उठा। इसके साथ ही स्टॉक मार्केट ने 2 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ से बाजार को हुए नुकसान की भरपाई भी कर ली। मंगलवार के कारोबारी सत्र के दौरान NSE-Nifty इंडेक्स 2.4% तक उछल गया, जो 2 अप्रैल के क्लोजिंग लेवल के बेहद करीब है। यानी ट्रंप के टैरिफ से हुए नुकसान को भारतीय शेयर बाजार ने महज 7 कारोबारी सत्रों में ही रिकवर कर लिया।
भारतीय शेयर बाजार 2 अप्रैल को डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ की मार से उबरने वाला पहला प्रमुख बाजार बन गया है। एशियाई बाजारों की ओवरऑल परफॉर्मेंस देखें तो भारतीय बाजार चार्ट में टॉप पर है। ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ से पैदा हुई अस्थिरता के बीच निवेशक भारतीय शेयर बाजार को दूसरे बाजारों की तुलना में कहीं ज्यादा सुरक्षित देख रहे हैं। देश की बड़ी डोमेस्टिक इकोनॉमी कई दूसरे कॉम्पिटीटर्स की तुलना में संभावित वैश्विक मंदी का बेहतर ढंग से सामना करने में सक्षम नजर आ रही है।
द ग्लोबल सीआईओ ऑफिस के CEO गैरी डुगन के मुताबिक, हम अपने पोर्टफोलियो में भारत पर ज्यादा भरोसा करते हैं। उन्होंने कहा- अच्छी डोमेस्टिक ग्रोथ और चीन से अलग सप्लाई चेन के डायवर्सिफिकेशन की वजह से भारतीय इक्विटी मार्केट को मीडियम टर्म में एक सुरक्षित दांव के तौर पर देखा जा रहा है। चीन-अमेरिका ट्रेड वॉर में आई तेजी के चलते अब उसके अल्टरनेटिव मैन्यूफैक्चरिंग हब के तोर पर भारत पर फोकस किया जा रहा है। अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के खिलाफ चीन के पलटवार के विपरीत भारत ने एक समझौतावादी रुख अपनाया है। इससे भारत ट्रम्प प्रशासन के साथ एक प्रोविजनल ट्रेड डील के करीब पहुंचने की कोशिश में है।
15 अप्रैल को सेंसेक्स-निफ्टी 2-2 प्रतिशत से ज्यादा तेजी के साथ बंद हुए। सेंसेक्स जहां 1577 प्वाइंट उछलकर 76,734 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी भी 500 अंकों की तेजी के साथ 23,328 के लेवल पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में 1377 अंकों की तेजी दिखी और ये 52379 के लेवल पर बंद हुआ। Nifty Midcap 100 इंडेक्स करीब 3% तेजी के साथ 51,974 के लेवल पर बंद हुआ।
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