
Invesco Study 2023: भारतीय इकोनॉमी दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था में से एक है। पिछले कुछ सालों में जिस तरह से विदेशी कंपनियों ने भारत में निवेश किया है, उससे भारतीय अर्थव्यवस्था और मजबूत हुई है। हाल ही में सॉवरेन इन्वेस्टर्स को लेकर इन्वेस्को (Invesco) की ग्लोबल सॉवरेन एसेट मैनेजमेंट स्टडी 2023 में भी भारत को तेजी से उभरते बाजारों में सबसे बेहतर बताया गया है। इस स्टडी में बताया गया है कि बढ़ती ब्याज दरों (Rising Rates) के बावजूद भारत सबसे तेजी से उभरते बाजारों में शामिल है।
EM debt में निवेश के लिए भारत सबसे आकर्षक बाजार
इस स्टडी के मुताबिक, एशिया में सिर्फ भारत और इंडोनेशिया ऐसे देश हैं, जो EM debt में निवेश के लिए उभरते बाजारों में सबसे आकर्षक हैं। 2022 की स्टडी में जहां भारत को 66 प्वाइंट मिले थे, वहीं 2023 में 76 प्वाइंट दिए गए हैं। इसी तरह इंडोनेशिया को इस मामले में 2022 में 27 अंक मिले थे, जबकि 2023 में 44 अंक दिए गए हैं। स्टडी में बताया गया है कि भारत को उसके बेहतर व्यापार, राजनीतिक स्थिरता और अनुकूल जनसांख्यिकी वातावरण के चलते सॉवरेन इन्वेस्टर्स के लिए पॉजिटिव नजरिए से देखा जा रहा है।
रूस, चीन और साउथ कोरिया में गिरावट
इन्वेस्को (Invesco) की स्टडी के मुताबिक, एशिया महाद्वीप के तीन बड़े देशों रूस, चीन और साउथ कोरिया उभरते बाजारों के मामले में पहले की तुलना में नीचे आए हैं। रुस को 2022 में 29 अंक मिले थे, जबकि 2023 में सिर्फ 7 अंक मिले हैं। इसी तरह चीन को 2022 में 71 अंक मिले थे, लेकिन 2023 में 51 अंक दिए गए हैं। साउथ कोरिया को 2022 में 61 अंक मिले थे, लेकिन 2023 में 56 अंक मिले हैं। यानी इन तीनों ही देशों में गिरावट आई है।
उभरते बाजारों में बाकी देशों की क्या है स्थिति?
इन्वेस्को (Invesco) की स्टडी के मुताबिक, 2022 में मेक्सिको को 37 प्वाइंट मिले थे, जबकि 2023 में 51 अंक मिले हैं। वहीं, ब्राजील 2022 में 39 अंकों पर था, लेकिन 2023 में उसे 49 अंक मिले हैं। साउथ अफ्रीका को 2022 में 29 प्वाइंट मिले थे, जबकि 2023 में 41 अंक मिले हैं।
भारत को विदेशी कॉर्पोरेट निवेश में बढ़ोतरी का फायदा
इन्वेस्को (Invesco) के अध्ययन के मुताबिक भारत, मेक्सिको और ब्राज़ील समेत उन देशों में शामिल है, जिन्हें विदेशी कॉर्पोरेट निवेश में बढ़ोतरी का फायदा मिल रहा है। देखा गया है कि ये फंड भारत के चालू खाता घाटे को मजबूत करने के साथ ही साथ रुपए को भी मजबूती देता है। महंगाई के चरम पर पहुंचने और उभरते हुए बाजारों में केंद्रीय बैंकों की कड़ी नीतियां भी इनके लिए मददगार साबित हुईं।
कैसे हुई इन्वेस्को की स्टडी?
दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं का अध्ययन करने वाली संस्था Invesco ने 2013 में सबसे पहले सॉवरेन इन्वेस्टर्स को लेकर स्टडी की थी। तब से अब तक समय के साथ इसके अध्ययन का दायरा बढ़ता गया। 2023 में इस स्टडी में 142 चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर्स से बातचीत कर उनकी राय शामिल की गई है। इसके अलावा 85 सॉवरेन वेल्थ फंड्स के सीनियर पोर्टफोलियो स्ट्रैटेजिस्ट, एसेट क्लास के प्रमुखों और 57 सेंट्रल बैंक को भी स्टडी में शामिल किया गया है। ये सभी मिलकर पूरी दुनिया की 21 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी को मैनेज करते हैं।
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