
New Zealand Recession: न्यूजीलैंड की इकोनॉमी पिछले 18 महीनों में दूसरी बार आर्थिक मंदी की चपेट में आ गई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बीती तिमाही में न्यूजीलैंड के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 0.1 फीसदी की गिरावट आई। इससे पहले की तिमाही में भी GDP 0.3 प्रतिशत नीचे आ गई थी। वहीं, अर्थशास्त्रियों ने इसके उलट इकोनॉमी में 0.1 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद जताई थी। बता दें कि किसी भी अर्थव्यवस्था में लगातार 2 तिमाहियों में गिरावट को मंदी समझा जाता है।
पिछली 5 तिमाहियों में 4 के आंकड़े नेगेटिव
न्यूजीलैंड की ऑफिशियल स्टैटिस्टिक्स एजेंसी स्टेट्स NZ के मुताबिक, न्यूजीलैंड की GDP ने पिछली 5 में से 4 तिमाहियों में निगेटिव आंकड़े दिखाए हैं और केवल 0.6 प्रतिशत की दर से सालाना ग्रोथ की है। दिसंबर तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था में 0.1 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति के हिसाब से 0.7 प्रतिशत की गिरावट आई है। वहीं, एक्सपर्ट्स पहले से ही मंदी की आशंका जता रहे थे। न्यूजीलैंड के केंद्रीय बैंक ने पहले ही अर्थव्यवस्था के सपाट रहने की आशंका जाहिर कर दी थी।
2022 से ही मंदी की चपेट में है न्यूजीलैंड
पिछले साल भी न्यूजीलैंड मंदी (New Zealand Recession) की चपेट में घिर गया था। 2022 के आखिर में 0.7 फीसदी की गिरावट के बाद 2023 की पहली तिमाही में इकोनॉमी 0.1 फीसदी तक गिर गई थी। वैसे, न्यूजीलैंड में आर्थिक मंदी के संकेत सिर्फ GDP की रफ्तार से ही नहीं बल्कि कई और कारणों से भी मिलते हैं। इनमें प्रोडक्शन, रिटेल सेल्स, इनकम और रोजगार में कमी भी शामिल है। वहीं, इस तिमाही में गिरावट की सबसे बड़ी वजह होलसेल बिजनेस में आई मंदी है। न्यूजीलैंड में खाने-पीने की चीजों के अलावा, शराब, मशीनरी और उपकरणों की बिक्री में भी भारी गिरावट आई है।
ये भी देखें :
31 मार्च को रविवार लेकिन फिर भी खुले रहेंगे बैंक, जानें आखिर क्या है वजह?
व्यापार समाचार: Read latest business news in Hindi, Investment News, Insurance News, Personal Finance Tips & Budget News Live Updates at Asianet Hindi News