
GDP Growth: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी फिलहाल अमेरिका की राजकीय यात्रा पर हैं। इसी बीच, भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। इंटरनेशनल रेटिंग एजेंसी फिच (Fitch) ने चालू वित्त वर्ष 2023-24 के लिए भारत के GDP ग्रोथ रेट (GDP Growth Rate) के अनुमान को 6 से बढ़ाकर 6.3% कर दिया है। बता दें कि 2023-24 की पहली तिमाही में ग्रोथ रेट बेहतर रहने की वजह से फिच ने पूरे वित्त वर्ष के लिए भारत के जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ा दिया है।
फिच ने बताया, क्यों बढ़ाया ग्रोथ रेट अनुमान?
फिच की ओर से बताया गया कि इंडियन इकोनॉमी काफी मजबूत है। 2023 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में इसने सालाना 6% की दर से ग्रोथ की है। पिछले कुछ महीनों में भारत में व्हीकल सेल के आंकड़े अच्छे रहे हैं। इसके अलावा लोन की ग्रोथ भी मजबूत रही है। यही वजह है कि हमने चालू वित्त वर्ष (2023-24) के लिए ग्रोथ दर के अनुमान को बढ़ाकर 6.3 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले रेटिंग एजेंसी ने मार्च, 2023 में महंगाई और ऊंची ब्याज दरों की वजह से ग्रोथ अनुमान 6.2 से घटाकर 6% कर दिया था।
अगले 2 साल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर
रेटिंग एजेंसी फिच ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था काफी मजबूत रहेगी और इसके 6.5% प्रतिशत की दर से ग्रोथ करने का अनुमान है। बता दें कि पिछले वित्त वर्ष 2022-23 में भारत की जीडीपी विकास दर दर 7.2 प्रतिशत रही थी।
क्या है GDP
जीडीपी का फुल फॉर्म ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट्स है। जीडीपी मतलब, देश में एक वित्त वर्ष के दौरान पैदा होने वाले सभी सामानों और सेवाओं के कुल मूल्य को कहते हैं। जीडीपी से किसी भी देश की आर्थिक सेहत का पता लगता है। जीडीपी में ग्रोथ का मतलब देश की आर्थिक उन्नति है। GDP में देश की सीमा के अंदर रहकर जो विदेशी कंपनियां प्रोडक्शन करती हैं, उन्हें भी शामिल किया जाता है।
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