
Reliance Retail Job Cuts: मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस रिटेल पर छंटनी के बादल मंडरा रहे हैं। दरअसल, रिलायंस रिटेल को बिक्री में कमी और वैल्यूएशन में भारी गिरावट का सामना करना पड़ रहा है। विश्लेषकों का अनुमान है कि अब कंपनी की वैल्यूएशन 125 अरब डॉलर से घटकर महज 50 अरब डॉलर रह गई है। ऐसे में कंपनी अब लागत घटाने पर विचार कर रही है, जिसके तहत नौकरियों में कटौती, स्टोर विस्तार में कमी, मार्केटिंग में कटौती और सख्त भर्ती नीतियां शामिल हैं।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस रिटेल एक समय भारत की सबसे तेज बढ़ती रिटेल दिग्गज थी। लेकिन अब वो सेल्स में कमी के साथ ही वैल्यूएशन में गिरावट जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। Ambit Capital प्राइवेट लिमिटेड के विश्लेषकों ने अब कंपनी की वैल्यूएशन महज 50 अरब डॉलर आंकी है, जो 2022 में फंड रेजिंग के दौरान करीब 125 अरब डॉलर थी।
ऑपरेशन को सुचारू रूप से चलाने और निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए मुकेश अंबानी और उनकी बेटी ईशा अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस रिटेल मेजर स्ट्रैटेजिक एडजस्टमेंट करने जा रही है, जिसमें जॉब कट्स के अलावा मार्केटिंग बजट में कमी, भर्ती नियमों पर कंट्रोल जैसी कई चीजें शामिल हैं।
1- नौकरी में कटौती
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, कंपनी ने फाइलिंग में जानकारी दी है कि उसकी ओर से 2024 में 38000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है।
2- स्टोर विस्तार में कमी
इसके अलावा रिलायंस रिटेल ने नए स्टोर खोलने की स्पीड भी कम कर दी है।
3- मार्केटिंग बजट में कटौती
इसके अलावा कंपनी ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Ajio पर खर्च में भी काफी कटौती की है।
4- रिलायंस ब्रांड्स लिमिटेड का विलय
इसके साथ ही लक्जरी ब्रांड आर्म को ब्रॉडर रिटेल बिजनेस में इंटीग्रेट किया जा रहा है।
5- भर्ती के कड़े नियम
रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2024 से 22,890 डॉलर (19.91 लाख रुपए) से ज्यादा सालाना इनकम वाले किसी भी नए कर्मचारी को मुकेश अंबानी के ऑफिस से डायरेक्ट अप्रूवल की जरूरत होगी। यहां तक कि स्टोर स्टाफ में बढोतरी के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर वी सुब्रमण्यम से अप्रूवल की जरूरत होती है। पहले यह फैसला निचले स्तर के मैनेजर्स द्वारा किया जाता था।
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