
Inflation data in may 2024: महंगाई के मोर्चे पर राहतभरी खबर है। नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस द्वारा बुधवार 12 जून को जारी आंकड़ों के मुताबिक, मई में खुदरा महंगाई दर 4.75 फीसदी रही। यह पिछले 12 महीने का सबसे निचला स्तर है। बता दें कि जुलाई 2023 में रिटेल महंगाई दर 4.44 प्रतिशत पर थी।
अप्रैल की तुलना में मई में कम हुई महंगाई
अप्रैल की तुलना में देखें तो मई में महंगाई कम हुई है। अप्रैल, 2024 में खुदरा महंगाई घटकर 4.83% पर थी, जो मई में 4.75 प्रतिशत पर आ गई है। तब ये 11 महीने के सबसे निचले स्तर पर थी। वहीं, जून 2023 में यह 4.81% थी।
खाने की चीजों की महंगाई भी घटी
आंकड़ों के मुताबिक, खाने की चीज़ों की महंगाई भी थोड़ी कम हुई है। मई, 2024 में यह 8.75% से घटकर 8.62% हो गई है। हालांकि, ये मई 2023 के 3.3% से अब भी ज्यादा है। वहीं, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भी महंगाई दर घटी है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 5.43% से घटकर 5.28% और शहरी क्षेत्रों में 4.15% हो गई है।
किसमें कितनी आई कमी?
आवश्यक वस्तुओं की महंगाई दर की बात करें तो सब्जियों की महंगाई दर अप्रैल के 27.8% से घटकर 27.3% पर पहुंच गई है। इसी तरह दालों की महंगाई 17.14% और अनाज की महंगाई दर 8.69% है। ईंधन और बिजली की महंगाई दर भी घटी है। ये अप्रैल के -4.24% से घटकर मई में -3.83% हो गई है। रिज़र्व बैंक को उम्मीद है कि महंगाई धीरे-धीरे घटकर 4% के लक्ष्य तक पहुंच जाएगी।
क्यों बढ़ती-घटती है महंगाई?
महंगाई का बढ़ना और कम होना उत्पादों की मांग और आपूर्ति पर निर्भर करता है। मसलन जब लोग किसी चीज को ज्यादा खरीदने लगते हैं तो ऑटोमैटिक उसकी डिमांड बढ़ जाती है। डिमांड की तुलना में सप्लाई नहीं हो पाती, जिसके चलते उस चीज की कीमत बढ़ने लगती है।
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