
Sensex Nifty Fall Reasons: सोमवार, 8 दिसंबर को शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। निवेशकों ने खासकर स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में जोरदार प्रॉफिट बुकिंग की, जबकि कई बड़े दिग्गज शेयरों में भी दबाव दिखा। इसके साथ ही लगातार जारी FII बिकवाली और यूएस फेड (US Fed) के फैसले से पहले मार्केट में अनिश्चितता बढ़ गई। दोपहर 2:30 बजे तक सेंसेक्स 799.80 गिरकर 84,912.57 और निफ्टी 288.55 अंक टूटकर 25,897.90 पर कारोबार कर रहा। निफ्टी 50 में इंटरग्लोब एविएशन, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और ETERNAL सबसे बड़े लूजर्स रहे, जबकि HDFC लाइफ और टेक महिंद्रा में मामूली बढ़त देखने को मिले। जानिए मार्केट इतनी बड़ी गिरावट के पीछे के 5 सबसे बड़े कारण...
बुधवार को होने वाली यूएस फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग से पहले ग्लोबल बाजारों में सावधानी देखने को मिली। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, निवेशक FOMC मीटिंग, महंगाई डेटा और ईयर-एंड एडजस्टमेंट्स के चलते अलर्ट हैं। एक हफ्ते के अंदर कई देश के केंद्रीय बैंक भी मीटिंग करेंगे।
आज की गिरावट सबसे ज्यादा स्मॉल और मिडकैप शेयरों में दिखी। निफ्टी स्मॉलकैप 100 करीब 2% तक टूटा। निफ्टी मिडकैप 100 करीब 2% तक गिरा। एक्सपर्ट्स के अनुसार,जहां बाजार में जोखिम घटाकर बड़े निवेशक पोजीशन हल्की करते हैं। कुछ थीमेटिक सेक्टर जैसे डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, रिन्यूएबल्स, इंडस्ट्रियल्स में भारी अनवाइंडिंग से गिरावट और तेज हो गई।
विदेशी निवेशक लगातार 7वें दिन बिकवाली पर रहे। पिछले सत्र में FIIs ने 438.90 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। ग्लोबल अनिश्चितता, बढ़े वैल्यूएशन और एशियाई बाजारों की कमजोरी ने गिरावट तेज कर दी।
रुपया 16 पैसे कमजोर होकर 90.11 पर पहुंच गया। महंगे क्रूड और लगातार FII बिकवाली से डॉलर की मांग तेज हुई, जिससे रुपये पर दबाव बना। ब्रेंट क्रूड 0.13% बढ़कर $63.83 प्रति बैरल पर पहुंचा। महंगा क्रूड भारत के लिए दोहरी मार है। इंपोर्ट बिल भी बढ़ता है। इससे महंगाई का खतरा बढ़ता है, इसीलिए बाजार सतर्क मोड में रहा।
इंडिया VIX 2.11% बढ़कर 10.53 पर पहुंच गया। हाई VIX का मतलब है बाजार में डर और जोखिम लेने की इच्छा कम है। इस वजह से भी बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है। जिसका असर सोमवार को भी देखने को मिला।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य से तैयार की गई है। यह किसी भी प्रकार की निवेश या वित्तीय सलाह या फिर स्टॉक रिकमंडेशन नहीं है। बाजार में निवेश जोखिमों के साथ आता है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
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