
Sony-Zee Merger. Sony कंपनी ने Zee के साथ अपने 10 बिलियन डॉलर के विलय को रद्द कर दिया है। इसे लेकर दोनों कंपनियों के बीच पिछले 2 साल से विवाद चल रहा था। ब्लूमबर्ग की ताजा रिपोर्ट्स की मानें तो सोनी ने इस करार को इसलिए रद्द कर दिया क्योंकि जी ने जरूरी शर्तों को पूरा नहीं किया था। सोनी ने सोमवार सुबह जी को लेटर भेजकर इसकी जानकारी दे दी है। उम्मीद है कि वह एक्सचेंज को इसका खुलासा करेगी। सोनी ने सौदे को रद्द करने का कारण विलय समझौते की शर्तें पूरी न होना बताया है।
2 साल से चल रहा था गतिरोध
दोनों के बीच दो साल से यह गतिरोध चल रहा था कि जी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुनीत गोयनका विलय की गई इकाई को लीड करेंगे या नहीं। क्योंकि सेबी विनय गोयनका के आचरण की जांच कर रहा था। अब इस डील की समाप्ति के बाद दो साल से चला आ रहा विवाद भी थम गया है। माना जा रहा है कि सौदा रद्द करने के पीछे भी यही मेन वजह रही। पुनीय गोयनका ने ग्लोबल पावर हाउस नेटफ्लिक्स इंक और अमेजन इंक जैसी बड़ी कंपनियों को टक्कर देने के लिए 10 बिलियन डॉलर की मीडिया दिग्गज कंपनी बनाई थी। वहीं दूसरी तरफ सोनी की ओर से यह समाप्ति का पत्र 30 दिन की छूट अवधि खत्म होने का बाद आया है। दोनों पक्षों ने दिसंबर में समझौते के लिए समय सीमा तय की थी लेकिन बात नहीं बन पाई। अंत में इसे नाटकीय अंदाज में खत्म कर दिया गया है।
क्यों हुआ था दोनों कंपनियों में समझौता
रिपोर्ट्स की मानें तो 1 अरब 40 करोड़ की आबादी वाले देश की विशाल दर्शक संख्या और परचेजिंग पॉवर को एक साथ लाने के लिए मीडिया दिग्गज जी और सोनी के बीच करार किया गया था। यह करार ऐसे समय में रद्द किया गया है जब मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्री लिमिटेड वॉल्ट डिज्नी कंपनी की भारतीय इकाई के साथ विलय पर बातचीत कर रही है। इस बीच यह समझौता रद्द होने से दोनों कंपनियों को नुकसान पहुंच सकता है।
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