केंद्र सरकार ने राज्यों में बांटा अपना खजाना, जानें किसे कितना मिला फंड

Published : Apr 05, 2024, 01:46 PM ISTUpdated : Apr 05, 2024, 03:20 PM IST
income tax saving

सार

कई राज्यों राजस्व में ज्यादा योगदान देते है लेकिन उन्हें कम मिलते है। उदाहरण के लिए उत्तर प्रदेश का राजस्व में कम योगदान है लेकिन राजस्व का बड़ा हिस्सा मिलता है। केंद्र सरकार कैसे तय करती है कि किस राज्य को कितने पैसे मिलेंगे।

बिजनेस डेस्क. दक्षिण के कई राज्य शिकायत करते है कि हम राजस्व में ज्यादा योगदान देते है लेकिन हमें हमारे विकास के लिए उस हिसाब से रिटर्न नहीं मिलता है। ऐसा ही एक आरोप मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी लगाया था। केंद्र सरकार हर बार बजट में राजस्व के बंटवारे का ब्यौरा जारी करती है। इस बार भी यह स्टेटमेंट जारी हुआ है। इसमें बताया गया है कि केंद्रीय करों और दूसरी आय का में अलग-अलग राज्यों को मिलने वाला हिस्सा मिलने वाला है।

इन राज्यों को मिलता है सबसे ज्यादा हिस्सा

 बजट 2024-25 में सबसे ज्यादा हिस्सा उत्तर प्रदेश को 17.93%  हिस्सा यानी 2.19 लाख करोड़ रुपए मिलने वाला है। दूसरे नंबर पर 10.058% हिस्सा यानी 1.23 लाख करोड़ रुपए के साथ बिहार है। वही मध्य प्रदेश को 7. 85% यानी 95,752 करोड़ रुपए, पश्चिम बंगाल को 7.52% यानी 91 हजार 764 करोड़ रुपए है। वहीं पांचवें नंबर पर महाराष्ट्र है, जिसे 6.31% यानी 77 हजार 53 करोड़ रुपए है। छठे नंबर पर राजस्थान है, जिसे 73 हजार 504 करोड़ रुपए मिलने वाला है।

इन राज्यों को मिलता है कम हिस्सा

सबसे कम बजट का हिस्सा मिलने वाले राज्यों में हिमाचल प्रदेश, गोवा, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा है। इन राज्यों को 1% से भी कम हिस्सा मिलता है। वहीं दक्षिण भारत के राज्यों में आंध्र प्रदेश को 4.05%  यानी 49 हजार 364 करोड़ रुपए और कर्नाटक के हिस्से में 3.65% यानी 44 हजार 485 करोड़ रुपए हिस्सा मिलता है। तेलंगाना को 2.1% और 1.92% हिस्सा मिलता है।

ऐसे बांटा जाता है राजस्व

केंद्र सरकार वित्त आयोग के तय किए गए फार्मूले के आधार पर राजस्व का बंटवारा करती हैं। देश के सभी राज्यों के विकास के आधार पर न्यायपूर्ण तरीके से फंड मिले और साथ-साथ आगे बढ़ें। ऐसे में वित्त आयोग फंड के बंटवारे के लिए 4 पैमाने तय करता है। इसमें पहला फार्मूला है वेटेज फिस्कल कैपेसिटी डिस्टेंस का है। दूसरा फार्मूला सबसे ज्यादा वेटेज जनसंख्या का है। तीसरा फार्मूला फिस्कल डिसिप्लिन है। और चौथा फार्मूला  क्षेत्रफल है। ऐसे में जनसंख्या और क्षेत्रफल के हिसाब से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों का हिस्सा बड़ा हो जाता है।

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