
मुंबई। UPI (Unified Payments Interface) ने डिजिटल ट्रांजेक्शन के क्षेत्र में भारत को दुनिया में अव्वल बना दिया है। NPCI (National Payments Corporation of India) ने बताया है कि हर महीने UPI की मदद से 80 लाख लेनदेन हो रहे हैं।
गांव से लेकर शहर तक लोग UPI की मदद से सुरक्षित तरीके से बिना किसी परेशानी के पैसे का लेनदेन कर रहे हैं। UPI के 99.9 फीसदी ट्रांजेक्शन बैंक अकाउंट टू बैंक अकाउंट होते हैं। इसपर लोगों को किसी भी तरह का फीस नहीं देना होता है। हाल ही में PPI (Prepaid Payment Instruments) को भी UPI इकोसिस्टम से जोड़ने के लिए गाइडलाइन जारी किया गया था। इसके बाद से PPI वैलेट्स से भी UPI ट्रांजेक्शन करना संभव हो गया है।
ग्राहकों से नहीं लिया जाता है फीस
इंटरचेंज शुल्क केवल PPI मर्चेंट लेनदेन के लिए लागू हैं। ग्राहकों से कोई फीस नहीं लिया जाता है। UPI आधारित बैंक अकाउंट टू बैंक अकाउंट लेनदेन करने पर कोई चार्ज नहीं लगाया जाता है। UPI ट्रांजेक्शन के लिए लोग किसी भी बैंक के अकाउंट, RuPay क्रेडिट कार्ड और प्रीपेड वैलेट्स का चुनाव कर सकते हैं।
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अम्ब्रेला ऑर्गेनाइजेशन है NPCI
गौरतलब है कि भारत में रिटेल पेमेंट और सेटलमेंट सिस्टम के लिए अम्ब्रेला ऑर्गेनाइजेशन बनाने के लिए 2008 में NPCI को तैयार किया गया था। NPCI ने देश में शानदार पेमेंट और सेटलमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है। NPCI द्वारा RuPay कार्ड, IMPS (Immediate Payment Service), UPI, BHIM (Bharat Interface for Money), BHIM आधार, NETC फास्ट टैग और भारत बिल पे जैसी सुविधाएं शुरू की गईं थी। NPCI का फोकस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से रिटेल पेमेंट सिस्टम में इनोवेशन लाने पर है। इसके चलते भारत डिजिटल इकोनॉमी के मामले बड़ी ताकत बना है।
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