
बिजनेस न्यूज। वेल्स फार्गो बैंक ने अपने एक दर्जन कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। बैंक का आरोप है कि ये कर्मचारी काम करने का दिखावा करते थे। संपत्ति और निवेश प्रबंधन ईकाई में कार्यरत इन कर्मचारियों को कीबोर्ड सिमुलेशन मामले में दोषी पाया गया है।
बैंक ने लिया सख्त एक्शन
वेल्स फार्गो बैंक ने दर्जनों कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। बैंक ने इस दावे की जांच की है कि वे काम करने का दिखावा कर रहे थ। पिछले महीने बैंक ने संपत्ति और निवेश प्रबंधन यूनिट में कार्यरत कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। जांच में पता चला था वे कथित तौर पर कीबोर्ड गतिविधि के अनुकरण में शामिल थे।
काम नहीं, काम का दिखावा करते थे
फाइनेंशियल इंडस्ट्री रेगुलेटरी अथॉरिटी के सामने प्रकरण के उजागर होने पर कर्मचारियों को कीबोर्ड अनुकरण मामलों में दोषी पाया गया था। वेल्स फार्गों अपने कर्चमारियों को लिए जॉब का स्टैंडर्ड हाई रखता है और किसी भी तरह का अनैतिक व्यवहार बर्दाश्त नहीं करता है। हालांकि रिपोर्ट में ये नहीं बताया गया है कि कर्मचारी कथित तौर पर घर से काम करने का दिखावा कर रहे थे।
प्रतिद्वंद्वियों से पीछे हुई वेल्स फार्गो
गोल्ड मैन सैक्स ग्रुप इंक और जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी आज की तारीख में वेल्स फार्गो बैंक की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी कंपनी है। इन कंपनियों के बीच लगातार प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती रहती है। इस बार वेल्स फार्गों के कर्मचारियों ने अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में कार्यालय में काम करने में उतनी तेजी नहीं दिखाई जिससे उसे नुकसान उठाना पड़ा।
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