
MSME Credit in West Bengal : पश्चिम बंगाल में माइक्रो, स्माल और मीडियम इंटरप्राइजेज (MSME) सेक्टर में तेजी से ग्रोथ हो रही है। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 तक राज्य में MSME क्रेडिट 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए, RBI से लाइसेंस प्राप्त TReDS प्लेटफॉर्म M1xchange राज्य के MSME को समय पर फाइनेंस उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहा है। कंपनी का मकसद इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटो, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और कृषि जैसे क्षेत्रों में अपना कारोबार दोगुना करना है।
पश्चिम बंगाल भारत के टॉप इंडस्ट्रियल हब में से एक है। राज्य में 46 लाख से ज्यादा MSME रजिस्टर्ड हैं और कुल मिलाकर करीब 1 करोड़ MSME मौजूद हैं। स्टील, एल्युमिनियम, लोहा उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, उर्वरक और ट्रेडिंग जैसे उद्योग हैं। इन सेक्टर को चलाने के लिए वर्किंग कैपिटल की जरूरत होती है। FY24 में MSME क्रेडिट में 7.5% की ग्रोथ हुई, जो बताती है कि छोटे उद्योगों को समय पर और किफायती वित्तीय मदद की कितनी जरूरत है।
M1xchange के सीनियर डायरेक्टर कौस्तुभ श्रीवास्तव के मुताबिक, 'पश्चिम बंगाल में MSME क्रेडिट वित्त वर्ष 26 तक 2 लाख करोड़ रुपए पार करने का अनुमान है। हम बिना जमानत, डिजिटल और कॉम्पटेटिव फाइनेंसिंग ऑप्शन देकर MSME को कैश की दिक्कतों से मुक्त कर उनकी ग्रोथ को नई दिशा देना चाहते हैं।'
M1xchange एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे 2017 में शुरू किया गया था। यह MSME को इनवॉइस डिस्काउंटिंग यानी कॉरपोरेट्स से मिलने वाले पेमेंट को जल्दी कैश में बदलने की सुविधा देता है। MSME जब कंपनी को सामान और सर्विस का बिल भेजते हैं और वह कंपनी उसे मंजूर करती है, तो बैंक-NBFC उस पर बोली लगाते हैं। MSME बोली स्वीकार करने के बाद 24 घंटे के अंदर पेमेंट सीधे अपने बैंक अकाउंट में पा सकते हैं। इस तरह, छोटे उद्योग बिना किसी जमानत, कम ब्याज दर पर और समय पर पैसा जुटा सकते हैं, जिससे उनका बिजनेस बिना रुकावट के आगे बढ़ सके।
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