NSE IPO: पैसा लगाएं या दूर रहें? लिस्टिंग गेन से पहले जान लें 3 बड़े रिस्क!

Published : Sep 17, 2026, 10:44 AM IST
NSE IPO

सार

NSE IPO GMP: एनएसई आईपीओ खुल गया है। ₹145 जीएमपी और 8% लिस्टिंग गेन के संकेत हैं। क्या इस ₹22,569 करोड़ के इश्यू में पैसा लगाना सही है? जान लें 3 बड़े रिस्क।

NSE IPO Today: देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज में निवेश का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए बड़ा दिन आ गया है। NSE (National Stock Exchange) का ₹22,569 करोड़ का IPO आज, 17 सितंबर 2026 से खुल गया है। निवेशक इस इश्यू में 21 सितंबर तक पैसा लगा सकते हैं। IPO आने से पहले ही NSE को लेकर बाजार में काफी चर्चा है। एक तरफ कंपनी का बड़ा मार्केट शेयर, करोड़ों निवेशक और मजबूत कमाई है। दूसरी तरफ इसके बिजनेस का बड़ा हिस्सा शेयर बाजार में होने वाली ट्रेडिंग पर टिका है। ऐसे में सवाल सिर्फ ये नहीं है कि NSE IPO में पैसा लगाना चाहिए या नहीं, बल्कि ये भी है कि कंपनी के सामने कौन से रिस्क हैं और मौजूदा कीमत इन जोखिमों को कितना ध्यान में रखती है। आइए जानते हैं...

NSE IPO की जरूरी डिटेल्स

इश्यू खुलने और बंद होने की तारीख- 17 सितंबर से 21 सितंबर 2026

प्राइस बैंड (Price Band)- ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर

लॉट साइज (कम से कम शेयर)- 8 शेयर और न्यूनतम निवेश ₹14,280

इश्यू का कुल साइज- ₹22,569 करोड़ पूरा OFS (Offer for Sale)

शेयर अलॉटमेंट की तारीख- 22 सितंबर 2026

डीमैट में शेयर और रिफंड- 23 सितंबर 2026

मार्केट में लिस्टिंग की तारीख- 24 सितंबर 2026 (NSE और BSE दोनों पर)

रिटेल कोटा- कुल इश्यू का 35%

NSE IPO GMP Today: ग्रे मार्केट में क्या चल रहा है?

IPO खुलने से पहले NSE के शेयरों का GMP (Grey Market Premium) करीब ₹145 बताया जा रहा है। अगर अपर प्राइस बैंड ₹1,785 में इस प्रीमियम को जोड़ा जाए तो ग्रे मार्केट के हिसाब से संभावित कीमत करीब ₹1,930 बैठती है। यानी मौजूदा GMP के आधार पर करीब 8.12% का संभावित लिस्टिंग गेन दिख रहा है, लेकिन यहां सावधानी जरूरी है। GMP कोई गारंटी नहीं है। ये सिर्फ ग्रे मार्केट में चल रही कीमत का संकेत है। असली लिस्टिंग कीमत IPO की मांग, बाजार के माहौल और लिस्टिंग वाले दिन NSE के शेयरों में खरीद-बिक्री पर निर्भर करेगी। एक दिलचस्प बात ये भी है कि पिछले कुछ दिनों में GMP ऊपर से नीचे आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 13 कारोबारी सेशंस के दौरान यह ₹310 तक पहुंचा था, जबकि अब करीब ₹145 पर है। इसलिए सिर्फ GMP देखकर फैसला लेना ठीक नहीं माना जाता है।

NSE IPO: कंपनी में पॉजिटिव फैक्टर्स क्या हैं?

  • कैश मार्केट में NSE की हिस्सेदारी करीब 93% है, जबकि इक्विटी फ्यूचर्स में करीब 99.8% का एकतरफा राज है।
  • अपने राइवल BSE (जिसका P/E लगभग 54.28x है) के मुकाबले NSE 40.9 से 42.9 गुना P/E पर आ रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस अंतर से लॉन्ग टर्म में री-रेटिंग का फायदा मिल सकता है।
  • एंकर बुक के जरिए कंपनी पहले ही ₹6,746 करोड़ जुटा चुकी है, जिसमें LIC, सिंगापुर की MAS और नॉर्वे के पेंशन फंड जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

NSE IPO में पैसा लगाने से पहले ये 3 बड़े रिस्क

1. ट्रेडिंग वॉल्यूम घटेगा तो सीधे कमाई पर चोट

NSE की करीब 79% कमाई सीधे ट्रेडिंग वॉल्यूम और ट्रांजैक्शन फीस से आती है, खासकर ऑप्शंस ट्रेडिंग से। अगर बाजार में मंदी आती है या लोग ट्रेडिंग कम करते हैं, तो एक्सचेंज का रेवेन्यू सीधे गिर सकता है।

2. फाइनेंशियल आंकड़ों में सुस्ती

FY26 में NSE के मुनाफे के आंकड़ों में थोड़ी नरमी आई है। नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल के ₹12,187.69 करोड़ से घटकर ₹10,302.06 करोड़ रहा। प्रॉफिट मार्जिन 55.3% से घटकर 51% के करीब आ गया और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 44.87% से फिसलकर 32.98% दर्ज हुआ।

3. रेगुलेटरी बदलाव और टेक्निकल ग्लिच का डर

SEBI द्वारा F&O (फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस) ट्रेडिंग के नियमों में कोई भी कड़ा बदलाव एक्सचेंज के वॉल्यूम को सीधे प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, पूरा बिजनेस सर्वर और आईटी पर टिका है, किसी भी बड़े तकनीकी फॉल्ट या साइबर अटैक का सीधा असर कारोबार और शेयर प्राइस पर पड़ता है।

डिस्क्लेमर: ये आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी को निवेश की सलाह या किसी शेयर/IPO को खरीदने या बेचने की सिफारिश न माना जाए। IPO में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। GMP अनऑफिशियल संकेत है और लिस्टिंग प्राइस या मुनाफे की गारंटी नहीं देता है। किसी भी निवेश करने से पहले IPO के आधिकारिक दस्तावेज पढ़ें और जरूरत पड़ने पर SEBI-रजिस्टर्ड वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

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