UPI के नए MDR नियम में ₹2,000 से ज्यादा पेमेंट पर 0.4% चार्ज की बात है। इसी बीच ₹4,200 के बिल को 3 हिस्सों में बांटने का दुकानदार का जुगाड़ वायरल हो रहा है।

UPI MDR Charges: UPI से पेमेंट करने वालों के लिए ₹2,000 की लिमिट को लेकर एक नया मामला चर्चा में है। नए UPI नियम के तहत ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर 0.4% MDR चार्ज लगाए जाने की बात कही गई है। हालांकि, यह फीस ग्राहकों से नहीं, बल्कि बिजनेसमैन या दुकानदार से ली जाएगी। ऐसे में दुकानदार इस अतिरिक्त फीस से बचने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं।

इसी बीच ₹4,200 के एक बिल को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। इसमें बताया गया है कि दुकानदार ने पूरे ₹4,200 का पेमेंट एक साथ लेने के बजाय उसे तीन अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया।

₹4,200 के बिल को ऐसे किया 3 हिस्सों में पेमेंट

  • विनीत नाम के एक यूजर ने X पर एक पोस्ट शेयर की। उन्होंने बताया कि उनका कुल बिल ₹4,200 था। जब उन्होंने दुकानदार से कहा कि वह पेमेंट UPI के जरिए करेंगे, तो दुकानदार ने बिल को अलग-अलग रकम में बांट दिया।
  • दुकानदार ने कहा कि बिल ₹1,900 + ₹1,900 + ₹400 है। इसके बाद ₹4,200 का पूरा भुगतान तीन अलग-अलग UPI ट्रांजैक्शन में किया गया।
  • इस तरह एक बार में ₹2,000 से ज्यादा का पेमेंट नहीं किया गया। सोशल मीडिया पर इसी तरीके को ₹2,000 की लिमिट से बचने की 'निंजा टेक्नीक' बताया जा रहा है।
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क्या है UPI का नया MDR नियम?

  • जानकारी के मुताबिक, 15 अक्टूबर से ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर 0.4% MDR चार्ज लगेगा। इसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन रखी गई है। चार्ज की रकम ट्रांजैक्शन की राशि पर निर्भर करेगी।
  • इस नियम में खास बात यह है कि MDR की फीस ग्राहक से नहीं, बल्कि बिजनेसमैन या दुकानदार से वसूली जाएगी।
  • वहीं, ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर ग्राहक और बिजनेसमैन, दोनों से किसी तरह की फीस नहीं ली जाएगी।

₹75,000 या उससे ज्यादा के पेमेंट पर ₹300 फीस

कैलकुलेशन के मुताबिक, ₹75,000 या उससे ज्यादा के किसी एक ट्रांजैक्शन पर 0.4% के हिसाब से चार्ज ₹300 से ऊपर पहुंच सकता है। लेकिन अधिकतम फीस ₹300 तय होने के कारण ऐसे ट्रांजैक्शन पर ₹300 ही MDR देना होगा।

कुछ कैटेगरी में ₹5 का फ्लैट चार्ज

रेलवे, टेलिकॉम सर्विसेज, इंश्योरेंस और फ्यूल जैसी कुछ चुनिंदा कैटेगरी में अलग व्यवस्था बताई गई है। इन कैटेगरी में ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर प्रति ट्रांजैक्शन ₹5 का फ्लैट चार्ज लगेगा।

MDR क्या होता है?

  • MDR यानी Merchant Discount Rate। यह वह फीस है जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के बदले दुकानदार या मर्चेंट से ली जाती है।
  • उदाहरण के तौर पर, अगर कोई ग्राहक किसी दुकानदार को ₹10,000 का UPI पेमेंट करता है और उस पर 0.4% MDR लागू होता है, तो दुकानदार को ₹40 की फीस देनी होगी।

सरकार ने UPI के नियम में बदलाव क्यों किया?

  • सरकार के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में देश में UPI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। डिजिटल पेमेंट सिस्टम को सुरक्षित बनाए रखने, साइबर फ्रॉड को रोकने, तकनीक को अपग्रेड करने और पूरे पेमेंट सिस्टम को मजबूत बनाए रखने में लगातार खर्च होता है।
  • इसी लंबे समय की जरूरत को देखते हुए UPI से जुड़े नियमों में बदलाव की बात कही गई है। वहीं, नए चार्ज का असर मुख्य रूप से उन दुकानदारों और कारोबारियों पर पड़ेगा जिनके यहां ₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन होते हैं।