UPI Payment पर नया चार्ज और Rahul Gandhi का विरोध, PM Modi से कर दी सीधी मांग
Rahul Gandhi On UPI Charges: 15 अक्टूबर से ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा UPI Merchant Payments पर 0.4% MDR लगेगा। राहुल गांधी ने विरोध किया है, जबकि सरकार का कहना है कि ग्राहक से सीधे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

UPI पर राहुल गांधी ने खोला मोर्चा
UPI से चाय के कप से लेकर लाखों रुपये की खरीदारी तक भुगतान करने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक नया बदलाव सामने आया है। 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा Merchant UPI Payments पर 0.4% MDR लागू होगा। इसी फैसले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा है। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि यह ग्राहक पर लगाया गया टैक्स नहीं है और आम यूजर्स के रोजमर्रा के छोटे UPI भुगतान प्रभावित नहीं होंगे।

₹2,000 से ऊपर UPI Payment पर क्या बदलेगा?
नए नियम के तहत ₹2,000 से अधिक के Person-to-Merchant यानी P2M UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लगेगा। ₹75,000 या उससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर यह शुल्क अधिकतम ₹300 तक सीमित रहेगा। यह रकम ग्राहक से सीधे नहीं, बल्कि मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम के स्तर पर ली जाएगी।
ग्राहक की जेब से कटेगा पैसा या नहीं?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR कोई सरकारी टैक्स नहीं है और इसे ग्राहक से वसूलने के लिए नहीं बनाया गया है। वित्त मंत्रालय ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी है कि मर्चेंट यह शुल्क ग्राहक पर न डालें। वहीं ₹2,000 तक के मर्चेंट भुगतान और P2P ट्रांजैक्शन पहले की तरह शुल्क-मुक्त रहेंगे।
राहुल गांधी ने क्यों उठाया सवाल?
राहुल गांधी ने इस फैसले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राजनीतिक हमला बोला है। उनका तर्क है कि भले ही शुल्क सीधे ग्राहक से न लिया जाए, लेकिन मर्चेंट पर बढ़ी लागत का असर कीमतों के जरिए ग्राहक तक पहुंच सकता है। उन्होंने सरकार से UPI पर प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था वापस लेने की मांग की है।
सरकार का कहना है कि नए ढांचे का उद्देश्य UPI इकोसिस्टम की लंबी अवधि की स्थिरता, टेक्नोलॉजी और सुरक्षा से जुड़े खर्चों को समर्थन देना है। PIB के मुताबिक करीब 96% P2M UPI ट्रांजैक्शन इस MDR से प्रभावित नहीं होंगे। छोटे मर्चेंट्स के लिए भी कुछ छूट रखी गई है।
Modi ji, roll back the UPI tax. Now. https://t.co/IIt46zMgCG
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 16, 2026
UPI पर सियासत आगे बढ़ी तो क्या बदलेगा?
एक तरफ सरकार इसे UPI के भविष्य के लिए आर्थिक ढांचा मजबूत करने वाला कदम बता रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे आम लोगों और कारोबारियों पर अप्रत्यक्ष बोझ की शुरुआत मान रहा है। अब असली नजर इस बात पर रहेगी कि मर्चेंट इस लागत को कैसे संभालते हैं और इसका असर कीमतों या डिजिटल पेमेंट के इस्तेमाल पर कितना पड़ता है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

