
बिजनेस डेस्क। देशभर के किसानों के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इसके तहत 65 साल पुराने आवश्यक वस्तु अधिनियम को बदला जा रहा है। ये अधिनियम 1955 से जारी था। पिछले दिनों वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने भी एक्ट में बदलाव की बात कही थी। अब मोदी कैबिनेट ने बदलाव पर मुहर लगा दी है।
क्यों बदलाव और फायदा क्या?
दरअसल, पुराने अधिनियम की वजह से देशभर के किसान अपने उत्पाद को एक सीमित क्षेत्र में बेचने के लिए बाध्य थे। मगर अब किसानों के लिए "वन नेशन वन मार्केट" होगा। यानी देश का कोई भी किसान अपनी पैदावार किसी भी जगह या राज्य में बेच सकता है।
माना जा रहा है कि इससे किसानों की उपज बिक्री में बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को उपज पर सीधे और ज्यादा मुनाफा मिलेगा। साथ ही साथ कृषि उपजों की एक बेहतर सप्लाई चेन भी खड़ी होगी।
सरकार बनाएगी कानून
इतना ही नहीं किसानों को उनकी फसलों का अच्छा मूल्य मिले इसके लिए एक केंद्रीय कानून तैयार किया जाएगा जो विकल्प देगा। बिना मुश्किल के एक राज्य से दूसरे राज्य में व्यापार और ई-ट्रेडिंग की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
माना जा रहा है कि नए कानून के तहत तिलहन, आयल सीड्स, दलहन, अनाज, आलू और प्याज को डिरेगुलेट भी किया जाएगा। बहुत जरूरी होने पर ही स्टॉक लिमिट होगी। अब देखना ये है कि केंद्र सरकार के इस फैसले का किसान और उनके संगठन किस तरह स्वागत करते हैं।
व्यापार समाचार: Read latest business news in Hindi, Investment News, Insurance News, Personal Finance Tips & Budget News Live Updates at Asianet Hindi News