
बिजनेस डेस्क। कोरोना महामारी के दौरान हर क्षेत्र में रोजगार का संकट बढ़ा है। ऐसें में, बेंगलुरु की एक कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव कर करीब 30 हजार लोगों को रोजगार दिया है। कंपनी की योजना अगले 2 महीने में 1 लाख लोगों को रोजगार देने की है। ट्रैवल बैग और फैशन वियर बनाने वाली कंपनी वाइल्डक्राफ्ट ने कोरोना महामारी को देखते हुए मास्क, पीपीई किट और सुरक्षा से जुड़ी दूसरी चीजों के निर्माण पर जोर दिया है। कंपनी का कहना है कि मार्केट में इन चीजों की डिमांड काफी बढ़ गई है और 2 महीने के भीतर कंपनी करीब 1 लाख लोगों को रोजगार दे सकती है।
कंपनियां कर रही हैं बिजनेस म़ॉडल में बदलाव
सिर्फ वाइल्डक्राफ्ट ही नहीं, कपड़ा और बैग निर्माण से जुड़ी कई कंपनियों ने बाजार में मास्क और पीपीई किट की बढ़ती मांग को देखते हुए अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव किया है। वाइल्डलाइफ दोबारा इस्तेमाल में आने वाले मास्क और पीपीई किट की मैन्युफैक्चरिंग कर रही है। कंपनी सुपरमास्क मास्क का निर्माण कर रही है। कंपनी ने इन प्रोडक्ट्स के निर्माण और वितरण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए 11 शहरों के 63 कारखानों के साथ गठजोड़ किया है।
10 लाख मास्क रोज बनाने की क्षमता
कंपनी के को-फाउंडर गौरव डुबलिश का कहना है कि कोरोना संकट की वजह से पीपीई किट और मास्क की मांग काफी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी कपड़ा, बैग और फैशन उत्पाद के निर्माण से जुड़ी रही है, लेकिन हमने जल्दी ही अपने को नए मॉ़डल में ढाल लिया है। उन्होंने कहा कि कंपनी की क्षमता रोज 10 लाख मास्क बनाने की है।
आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण में भरोसा
वाइल्डक्राफ्ट के को-फाउंडर गौरव का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के दृष्टिकोण में हमारा भरोसा है और उसी से प्रेरणा लेकर हमने अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव किया है। फिलहाल मास्क, पीपीई किट और दूसरे सुरक्षा उपकरणों की मांग बाजार में बनी रहेगी। इसे देखते हुए ही यह योजना तैयार की गई है। आज जहां ज्यादातर कंपनियों में लोगों को काम से हटाया जा रहा है, वाइल्डक्राफ्ट बिजनेस मॉडल में बदलाव कर आने वाले दिनों में करीब 1 लाख लोगों को रोजगार मुहैया कराएगी।
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