पासपोर्ट अप्लाई करने वाले अलर्ट! इन 5 गलतियों के चक्कर में डूब जाएंगे पैसे, तुरंत चेक कर लें

Published : Jun 26, 2026, 12:00 PM IST
Passport

सार

1 जुलाई 2026 से नया पासपोर्ट नियम और बढ़ा हुआ फीस स्ट्रक्चर लागू हो रहा है। ऐसे में फॉर्म भरते समय की गई मामूली गलतियां पूरी फीस डुबो सकती हैं। जानिए क्या करें? 

Passport Application Common Mistakes: अगर आप विदेश जाने का सपना देख रहे हैं या पढ़ाई और बिजनेस के सिलसिले में नया पासपोर्ट बनवाने जा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए सबसे जरूरी है। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट नियम, 1980 में बड़ा बदलाव करते हुए 'पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026' लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत पासपोर्ट बनवाने और उसे रिन्यू (Re-issue) कराने की सरकारी फीस में भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। यह नया फीस स्ट्रक्चर 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होने जा रहा है। इसका मतलब यह है कि अगर अब आपने फॉर्म भरते समय एक छोटी सी भी गलती की और आपका एप्लीकेशन रिजेक्ट हुआ, तो आपके हजारों रुपए डूब सकते हैं। आइए जानते हैं अब फीस कितनी बढ़ गई है और आपको फॉर्म भरते समय किन 5 बड़ी गलतियों से बचना है...

1 जुलाई 2026 से कितना महंगा होगा पासपोर्ट?

विदेश मंत्रालय (MEA) के नए नोटिफिकेशन के मुताबिक, सामान्य पासपोर्ट (Normal Passport) के लिए 36 पेज के पासपोर्ट की पहले फीस ₹1,500 थी, जो अब बढ़कर ₹2,500 हो जाएगी। 60 पेज का पासपोर्ट बनवाने के लिए अब ₹2,000 की बजाय ₹3,500 देने पड़ेंगे। तत्काल पासपोर्ट (Tatkal Passport) बनवा रहे हैं, तो 36 पेज के लिए ₹3,500 की बजाय 1 जुलाई से आपको ₹5,000 देने होंगे। 60 पेज की फीस ₹4,000 से छलांग लगाकर सीधे ₹6,000 पर पहुंच गई है।

पासपोर्ट बनवाते समय कौन सी 5 गलतियां नहीं करनी हैं?

पुराने रेट के हिसाब से पेमेंट करना

कई लोग ऑनलाइन फॉर्म पहले ही भर देते हैं और पेमेंट बाद में करते हैं। ध्यान रहे, अगर आप 1 जुलाई या उसके बाद फीस चुका रहे हैं, तो आपको नए बढ़े हुए रेट से ही भुगतान करना होगा। पुरानी फीस के हिसाब से किया गया अधूरा पेमेंट रिजेक्ट हो जाएगा और आपके पैसे होल्ड पर जा सकते हैं।

बच्चों के पासपोर्ट की वैलिडिटी में चूक

नए नियमों में बच्चों के पासपोर्ट को लेकर स्थिति साफ की गई है। 18 साल से कम उम्र के आवेदकों (Minors) के पासपोर्ट की वैलिडिटी अब मैक्सिमम 5 साल या उनके 18 साल के होने तक (जो भी पहले हो) ही रहेगी। फॉर्म भरते समय इससे ज्यादा समय की वैलिडिटी चुनना आपके फॉर्म को सीधे रिजेक्ट करा सकता है।

नाम और एड्रेस प्रूफ की स्पेलिंग में अंतर

पासपोर्ट एक बेहद संवेदनशील सरकारी दस्तावेज है। आपके आधार कार्ड, पैन कार्ड, मार्कशीट या बिजली बिल में जो नाम और पते की स्पेलिंग है, वही हूबहू पासपोर्ट फॉर्म में होनी चाहिए। 'Kumar' या 'Kumari' जैसी छोटी सी गलती या सरनेम न होने की स्थिति में पासपोर्ट अधिकारी आपका अपॉइंटमेंट कैंसिल कर देते हैं, जिससे आपकी फीस और समय दोनों बर्बाद होते हैं।

तत्काल सेवा के लिए गलत डॉक्यूमेंट्स चुनना

तत्काल पासपोर्ट के लिए सरकार अब ₹5,000 से ₹6,000 तक ले रही है, लेकिन इसके लिए कुछ खास और वेरिफाइड दस्तावेजों की लिस्ट (जैसे एनेक्सचर और स्पेसिफिक आईडी) जरूरी होती है। अगर आपके पास वो तय डाक्यूमेंट्स नहीं हैं, तो नॉर्मल कैटेगरी में ही अप्लाई करें। बिना सही कागजात के तत्काल में अप्लाई करने पर पैसे वापस नहीं मिलते।

पुलिस वेरिफिकेशन के समय गलत जानकारी या गैर-मौजूदगी

फॉर्म भरने के बाद सबसे अहम पड़ाव होता है पुलिस वेरिफिकेशन। अगर आपने अपने एड्रेस (पता) की गलत जानकारी दी है या आप पिछले एक साल में एक से अधिक जगहों पर रहे हैं और उसकी जानकारी छिपाई है, तो पुलिस 'एडवर्स रिपोर्ट' (Adverse Report) भेज देती है। ऐसा होने पर न सिर्फ पासपोर्ट रुक जाता है, बल्कि भारी पेनाल्टी भी लग सकती है।

 

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