
Petrol Purity Check Process: पेट्रोल पंप पर गाड़ी खड़ी करके जीरो देखना तो ज्यादातर लोगों की आदत होती है, लेकिन क्या कभी आपने यह सोचा है कि जिस पेट्रोल के लिए आप ₹100 या उससे ज्यादा कीमत चुका रहे हैं, वो पूरी तरह असली है भी या नहीं? दरअसल, केंद्र सरकार ने गुरुवार, 11 जून 2026 को डीजल की जमाखोरी और फैक्ट्रियों द्वारा आम पंपों से तेल उठाने पर सख्त नियम लागू किए हैं। इस नए सरकारी आदेश के बाद आम जनता के बीच पेट्रोल-डीजल की क्वालिटी और मिलावट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लोगों को इस बात का डर सता रहा है कि ऐसे में कुछ पेट्रोल पंप वाले प्रॉफिट कमाने के चक्कर में मिलावट का खेल न शुरू कर दें। लेकिन आपको जरा-सा भी घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार ने आम ग्राहकों को कुछ ऐसे कानूनी अधिकार दिए हैं, जिससे आप बिना ₹1 खर्च किए सिर्फ 2 मिनट में खुद चेक कर सकते हैं कि आपकी गाड़ी में जा रहा पेट्रोल असली है या उसमें पानी और केमिकल मिला हुआ है। आइए जानते हैं कैसे...
यह पेट्रोल की शुद्धता जांचने का सबसे आसान तरीका है। नियम के मुताबिक, हर पेट्रोल पंप पर यह पेपर रखना अनिवार्य है। पेट्रोल चेक करने के लिए पंप कर्मचारी से फिल्टर पेपर मांग सकते हैं। अब इस पेपर पर पेट्रोल की सिर्फ दो बूंदें टपकाएं। 2 मिनट इंतजार करें। अगर पेट्रोल असली होगा, तो वह हवा में उड़ जाएगा और फिल्टर पेपर पर कोई दाग या धब्बा नहीं बचेगा। लेकिन अगर पेट्रोल में पानी, केरोसिन या कोई और मिलावट होगी, तो पेपर पर गहरा गुलाबी या गंदा सा धब्बा रह जाएगा।
जब आप पेट्रोल पंप की मशीन पर जीरो देखते हैं, तो ठीक उसी स्क्रीन पर एक और छोटा-सा डिजिटल नंबर चल रहा होता है, जिसे डेंसिटी (घनत्व) कहते हैं। इसे चेक करने के लिए तेल पाइप गाड़ी में लगाने से पहले मशीन पर देखें कि डेंसिटी कितनी लिखी है। सरकारी नियमों के अनुसार, असली और शुद्ध पेट्रोल की डेंसिटी हमेशा 720 से 775 kg/m³ के बीच होनी चाहिए। अगर मशीन पर दिख रहा नंबर इस रेंज से कम या ज्यादा है, तो समझ लीजिए कि तेल में घपला है।
अगर आपको गाड़ी चलाने पर माइलेज कम मिल रहा है या इंजन से अजीब आवाज आ रही है, त आप पंप पर लगे 5 लीटर के प्रमाणित कांच के जार का इस्तेमाल कर सकते हैं। पंप वालों के पास सरकार द्वारा प्रमाणित एक कांच का जार होता है। उसमें पेट्रोल भरवाएं। पेट्रोल को थोड़ी देर शांत छोड़ दें। अगर उसमें पानी मिलाया गया होगा, तो पानी भारी होने के कारण जार की तली (नीचे) में बैठ जाएगा और पेट्रोल ऊपर तैरने लगेगा। असली पेट्रोल का रंग बिल्कुल साफ और एक समान दिखेगा।
अगर कोई पेट्रोल पंप आपको फिल्टर पेपर देने से मना करता है या आपको मिलावट का शक होता है, तो चुप रहने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आप सीधे अपने मोबाइल से उस ऑयल कंपनी (जैसे IOCL, HPCL, BPCL) के टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 या 1917 हेल्पलाइन या पेट्रोल कंपनियों की ऑफिशियल वेबसाइट पर शिकायत कर सकते हैं। आप चाहें, तो PESO (पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन) से भी शिकायत कर सकते हैं।
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