
PM Kisan 24th Installment Update: अगर आपके घर में भी मां, पत्नी या बहन के नाम पर खेती की जमीन है और आप पीएम किसान योजना का लाभ ले रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। इस योजना का लाभ उठाने वाले कुल लोगों में से 23% से ज्यादा महिलाएं हैं, लेकिन डिजिटल रिकॉर्ड में छोटी सी गड़बड़ी की वजह से लाखों लोगों का पैसा हर बार बीच में ही रुक जाता है। सरकार ने जून के महीने में 23वीं किस्त के 2,000 रुपए ट्रांसफर किए थे। नियमों के मुताबिक, हर 4 महीने पर यह मदद दी जाती है, इसलिए 24वीं किस्त अक्टूबर में फेस्टिवल सीजन में आने की उम्मीद है। अगर आप चाहते हैं कि आपके घर की महिला सदस्य के खाते में यह पैसा बिना किसी रुकावट के आ जाए, तो कुछ चीजों को जरूर चेक कर लें।
कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सरकार के पास फंड या बजट की कोई कमी नहीं है। पैसा रुकने का सबसे बड़ा कारण यह है कि किसानों के सरकारी रिकॉर्ड आपस में मैच नहीं होते हैं। खासतौर पर महिलाओं के मामले में इन 4 चीजों को तुरंत चेक करें।
e-KYC का अधूरा होना
फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने पहचान वेरिफाई करना जरूरी कर दिया है। अगर मोबाइल ओटीपी या फेस-ऑथेंटिकेशन से इसे पूरा नहीं किया गया, तो पैसा होल्ड पर चला जाता है।
यूपी में 12 अंकों की 'Farmer ID'
अगर आप उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, तो अब केवल उन्हीं को लाभ मिलेगा जो 'किसान रजिस्ट्री' पोर्टल पर रजिस्टर्ड हैं। बिना 12 अंकों की फार्मर आईडी के अगली किस्त रोक दी जाएगी।
DBT और बैंक खाता लिंक न होना
पीएम किसान योजना की राशि 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) के जरिए भेजी जाती है। इसके लिए महिला का बैंक अकाउंट उनके आधार कार्ड से जुड़ा होना चाहिए और उस पर NPCI मैपिंग एक्टिव होनी चाहिए।
जमीन का वेरिफिकेशन (लैंड सीडिंग)
आपके खेत की डिटेल यानी खसरा-खतौनी डिजिटल प्रोफाइल से लिंक होनी चाहिए। अगर वहां वेरिफिकेशन 'No' दिख रहा है, तो किस्त अटक जाएगी।
अगर किसी वजह से पिछली किस्त का पैसा नहीं मिल पाया था, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। जैसे ही आप अपनी गड़बड़ी को सुधार लेंगे, रुकी हुई राशि अगली किस्त के साथ जुड़कर मिल जाएगी। यानी खाते में सीधे 2000 रुपए + 2000 रुपए यानी 4000 रुपए ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।
ऑनलाइन e-KYC
बैंक का काम
महिला लाभार्थी को साथ लेकर अपनी बैंक शाखा में जाएं और वहां 'DBT/NPCI मैपिंग' का फॉर्म भरकर जमा कर दें।
लेखपाल से मिलें
अगर सरकारी पोर्टल पर लैंड सीडिंग के आगे 'No' लिखा आ रहा है, तो अपनी खतौनी (जमीन के कागज) लेकर हल्के के लेखपाल से मिलें। वे वेरिफिकेशन के बाद इसे ऑनलाइन 'Yes' कर देंगे।
इस योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं को मिलता है, जिनके नाम पर 1 फरवरी 2019 से पहले खेती की जमीन ट्रांसफर हो चुकी थी। अगर इसके बाद जमीन खरीदी गई है, तो तुरंत लाभ नहीं मिलता है। हालांकि, अगर पिता या पति की मृत्यु के बाद जमीन विरासत में महिला के नाम आई है, तो वे नए रजिस्ट्रेशन के लिए पात्र होंगी।
अर्थव्यवस्था, बजट, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शेयर मार्केट अपडेट्स के लिए Business News in Hindi पढ़ें। निवेश सलाह, बैंकिंग अपडेट्स और गोल्ड-सिल्वर रेट्स समेत पर्सनल फाइनेंस की जानकारी Money News in Hindi सेक्शन में पाएं। वित्तीय दुनिया की स्पष्ट और उपयोगी जानकारी — Asianet News Hindi पर।