
PM Kisan Eligibility: क्या आपके पास भी जमीन तो है लेकिन प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना की किस्त आपको नहीं मिलती है? बहुत से लोगों में यह गलतफहमी है कि अगर उनके नाम पर खेती की ज़मीन है, तो उन्हें केंद्र सरकार की तरफ से हर साल 6,000 रुपए मिलने ही चाहिए। लेकिन सरकार ने इस योजना को लेकर कुछ नियम बनाए हैं। अगर आप या आपकी फैमिली का कोई सदस्य सरकार की 'अपात्र सूची' में आता है, तो आपके नाम पर कितनी भी जमीन हो, आपको पीएम किसान के पैसे नहीं मिलेंगे। आइए जानते हैं कि वे कौन से 5 लोग हैं, जिन्हें ज़मीन होने के बावजूद इस योजना का फायदा नहीं मिलता है...
अगर आपके परिवार (पति, पत्नी या नाबालिग बच्चे) में से किसी ने भी पिछले साल (Assessment Year) इनकम टैक्स (Income Tax) जमा किया है, तो आपका परिवार इस योजना से बाहर हो जाएगा। सरकार का मानना है कि जो व्यक्ति टैक्स दे सकता है, उसे इस आर्थिक मदद की जरूरत नहीं है।
अगर परिवार में कोई रिटायर हो चुका है और उसकी महीने की पेंशन 10,000 रुपए या उससे ज्यादा आती है, तो उन्हें पीएम किसान के 6,000 रुपए नहीं मिलेंगे। ध्यान रखें, इसमें मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS), क्लास IV और ग्रुप डी (Group D) के रिटायर्ड कर्मचारियों को छूट दी गई है यानी उन्हें पैसे मिल सकते हैं।
अगर आपके घर में कोई भी व्यक्ति केंद्र सरकार या राज्य सरकार के किसी मंत्रालय, विभाग, ऑफिस या सरकारी कंपनियों (PSUs) में नौकरी (Government Employees) कर रहा है या रिटायर हो चुका है, तो वे इस योजना के हकदार नहीं हैं। यहां भी MTS, क्लास 4 और ग्रुप डी के कर्मचारियों को इस नियम से बाहर रखा गया है।
जमीन होने के बावजूद, अगर जमीन का मालिक कोई ऐसा प्रोफेशनल है, जिसने अपनी प्रैक्टिस रजिस्टर्ड करवा रखी है, तो उसे पीएम किसान का पैसा नहीं मिलेगा। इस लिस्ट में डॉक्टर्स (Doctors), इंजीनियर (Engineers), वकील (Lawyers/Advocates), चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और आर्किटेक्ट (Architects) आते हैं।
अगर खेत का मालिक कोई मौजूदा या पूर्व सांसद (MP), विधायक (MLA), मंत्री, मेयर या जिला पंचायत अध्यक्ष है, तो उसे पीएम किसान का फायदा नहीं दिया जाता। इसके अलावा जो लोग संवैधानिक पदों पर रहे हैं जैसे पूर्व राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, जज और अन्य, वे भी इस योजना से बाहर हैं।
संस्थागत जमीन (Institutional Land): अगर खेती की जमीन किसी कंपनी, ट्रस्ट या किसी संस्था के नाम पर है, तो उस पर 6,000 रुपए नहीं मिलेंगे।
किराये के किसान (Tenant Farmers): जो किसान दूसरे की ज़मीन किराये पर या बटाई पर लेकर खेती करते हैं, उन्हें यह पैसा नहीं मिलता। जमीन आपके नाम पर रजिस्टर्ड होनी जरूरी है।
NRI (नॉन-रेजिडेंट इंडियंस): विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिक भी इस योजना का फायदा नहीं ले सकते हैं।
पति-पत्नी दोनों को पैसे नहीं: एक परिवार (पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे) को एक ही यूनिट माना जाता है, इसलिए पति और पत्नी दोनों को अलग-अलग 6,000 रुपए नहीं मिल सकते हैं।
अर्थव्यवस्था, बजट, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शेयर मार्केट अपडेट्स के लिए Business News in Hindi पढ़ें। निवेश सलाह, बैंकिंग अपडेट्स और गोल्ड-सिल्वर रेट्स समेत पर्सनल फाइनेंस की जानकारी Money News in Hindi सेक्शन में पाएं। वित्तीय दुनिया की स्पष्ट और उपयोगी जानकारी — Asianet News Hindi पर।