
कोच्चि: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के विनिवेश के फैसले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर शनिवार को निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह बड़े कारपोरेट घरानों के हित के लिए काम कर रहे हैं।
निजीकरण नहीं यह एक चोरी है
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार आठ लाख करोड़ रुपये के उपक्रम बीपीसीएल को साठ हजार करोड़ रुपये में बड़ी निजी कंपनियों को बेच रही है। उन्होंने बीपीसीएल के विनिवेश के खिलाफ कोचीन रिफाइनरी के सामने कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया, ''यह निजीकरण नहीं यह एक चोरी है।''
मोदी पर बड़ी निजी कंपनियों का दबाव
राहुल गांधी ने बीपीसीएल को निजी क्षेत्र को बेचने के सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा,''नरेंद्र मोदी अपने दोस्तों, मालिकों और स्वामियों की मदद कर रहे हैं। उनके बिना नरेंद्र मोदी कुछ भी नहीं हैं। वह छोटे से गुब्बारे हैं। यह उनका पैसा है जिसके कारण नरेंद्र मोदी भारत की टीवी स्क्रीन पर छाए हैं। उनके मालिकों ने उन्हें यह काम दिया है। यह स्पष्ट रूप से लेनदेन है आप हमें बीपीसीएल देंगे।''
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि मोदी बीपीसीएल और ओएनजीसी को बड़ी निजी कंपनियों को नहीं दे पाएंगे तो उन्हें ''चूहे की तरह'' सत्ता से बाहर फेंक दिया जाएगा।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
(फाइल फोटो)
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