RBI का बड़ा ऐलान: 2026 की पहली पॉलिसी में रेपो रेट जस का तस, लोन सस्ते ही रहेंगे

Published : Feb 06, 2026, 10:14 AM ISTUpdated : Feb 06, 2026, 10:33 AM IST

RBI MPC Meeting 2026 Updates: भारतीय रिजर्व बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने साल 2026 की पहली पॉलिसी मीटिंग में बड़ा फैसला लिया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ऐलान किया कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसे 5.25% पर बरकरार रखा गया है। 

PREV
15

रेपो रेट क्यों नहीं बदला?

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि RBI इस समय मॉनेटरी इजिंग साइकिल (Monetary Easing Cycle) में है। अब तक केंद्रीय बैंक कुल 125 बेसिस पॉइंट (1.25%) की कटौती कर चुका है। इसका सीधा असर होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI पर पड़ा है। ब्याज दरें पहले ही काफी नीचे आ चुकी हैं। RBI का मानना है कि अभी की दरें महंगाई को कंट्रोल करने और ग्रोथ को सपोर्ट करने दोनों के लिए सही हैं।

25

महंगाई पर राहत की खबर

रिजर्व बैंक के अनुसार, CPI इंफ्लेशन अक्टूबर 2025 में इस डेटा सीरीज के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई थी। यही वजह है कि RBI को फिलहाल ब्याज दर बढ़ाने की कोई जल्दी नहीं है। महंगाई काबू में है और आम आदमी पर दबाव कम हुआ है।

35

GDP ग्रोथ पर RBI का भरोसा बरकरार

आरबीआई के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था इस वित्त वर्ष 7% से ज्यादा की रफ्तार से बढ़ने की ओर है। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। अब तक GDP ग्रोथ ने सभी अनुमानों को पीछे छोड़ा है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि Q1 (2026-27) के लिए GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 6.9% और Q2 (2026-27) के लिए GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 7% किया गया है।

45

जीडीपी ग्रोथ को लेकर रिजर्व बैंक का भरोसा क्यों बढ़ा?

बजट में किए गए ग्रोथ-फ्रेंडली फैसले, भारत-EU FTA का पूरा होना, संभावित भारत-US ट्रेड डील और एक्सपोर्ट सेक्टर का मजबूत रहना..इसके सबसे बड़े कारण हैं। हालांकि, RBI ने यह भी चेतावनी दी कि जियो-पॉलिटिकल टेंशन, ग्लोबल मार्केट वोलैटिलिटी और ट्रेड पैटर्न में बदलाव आगे चलकर जोखिम बन सकते हैं।

55

अगले साल भी मजबूत रहेगी आर्थिक गतिविधि

RBI के अनुसार, 2026 में भी आर्थिक गतिविधि अच्छी रहने की उम्मीद है। RBI ने कहा कि जलाशयों में पानी का स्तर बेहतर, रबी फसल की बुआई मजबूत, फसलों की स्थिति में सुधार, कॉरपोरेट सेक्टर का प्रदर्शन बेहतर और अनौपचारिक सेक्टर में लगातार मजबूती आई है। इन सबका असर मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर पर पॉजिटिव रहेगा। RBI का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था ग्लोबल दबावों के बावजूद मजबूत बनी हुई है। प्राइवेट कंजप्शन और इन्वेस्टमेंट ने ग्रोथ को सपोर्ट किया। एक्सपोर्ट पर दबाव रहा, क्योंकि इम्पोर्ट ज्यादा रहा। सर्विस सेक्टर और मैन्युफैक्चरिंग की वापसी से रियल GVA ग्रोथ 7.3% रहने का अनुमान है।

अर्थव्यवस्था, बजट, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शेयर मार्केट अपडेट्स के लिए Business News in Hindi पढ़ें। निवेश सलाह, बैंकिंग अपडेट्स और गोल्ड-सिल्वर रेट्स समेत पर्सनल फाइनेंस की जानकारी Money News in Hindi सेक्शन में पाएं। वित्तीय दुनिया की स्पष्ट और उपयोगी जानकारी — Asianet News Hindi पर।

Read more Photos on

Recommended Stories