HDFC बैंक ने लॉकर के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया है। 1 अप्रैल 2026 से किराया भी बढ़ेगा। बैंक की लापरवाही से नुकसान होने पर अब किराए का 100 गुना तक मुआवजा मिलेगा। लॉकर में नकदी या हथियार रखना प्रतिबंधित है।

लगातार हो रही बैंक चोरियों को देखते हुए HDFC बैंक ने अपने लॉकर नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। आइए इन नए बदलावों पर एक नज़र डालते हैं। अब लॉकर खोलने से पहले 'फिंगरप्रिंट' देना ज़रूरी होगा। बैंक ने लॉकर होल्डर के लिए आधार पर आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन सिस्टम को अनिवार्य कर दिया है। नए नियमों के मुताबिक, लॉकर रूम में घुसने से पहले ही कस्टमर के बायोमेट्रिक डिटेल्स, जैसे फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन, का मिलान किया जाएगा। बैंक का यह कदम लॉकर के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए है। इसके अलावा, लॉकर रूम के बाहर एक कर्मचारी हमेशा मौजूद रहेगा, ताकि यह पक्का हो सके कि कस्टमर ने इस्तेमाल के बाद लॉकर ठीक से बंद किया है या नहीं।

इसके साथ ही, HDFC बैंक ने 1 अप्रैल 2026 से लॉकर का किराया भी बढ़ा दिया है। मेट्रो शहरों में छोटे लॉकर के लिए नया किराया 5,000 रुपये और बड़े लॉकर के लिए 15,000 रुपये होगा। यह रकम टैक्स के अलावा होगी। बैंक ने यह भी बताया है कि जिन लोगों ने अब तक एग्रीमेंट पर साइन नहीं किया है, वे जल्द से जल्द यह काम पूरा कर लें।

लॉकर में क्या रखें और क्या नहीं? इन गलतियों से बचें!

लॉकर में दस्तावेज़ और गहने जैसी कीमती चीजें ही रखनी चाहिए। कैश (नकदी), हथियार या किसी भी तरह के नशीले पदार्थ लॉकर में रखना मना है। यह भी पक्का कर लें कि आपने लॉकर के लिए नॉमिनी बनाया है। अक्सर लोगों में यह गलतफहमी होती है कि लॉकर में रखे किसी सामान के खो जाने पर बैंक की कोई ज़िम्मेदारी नहीं होती। लेकिन, RBI के नए नियम के मुताबिक, अगर बैंक की लापरवाही की वजह से कोई नुकसान होता है, तो बैंक को सालाना किराए का 100 गुना तक मुआवज़ा देना पड़ सकता है।