
बिजनेस डेस्क। शुक्रवार को देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस ने तिमाही नतीजे जारी किए। मुकेश अेंबानी आरआईएल देश की पहली ऐसी कंपनी बन गई है जिसका रेवेन्यू 100 अरब डॉलर के पार गया है। ताज्जुब की बात तो ये है कि मई के पहले कारोबारी सप्ताह यानी पांच दिनों में रिलायंस के शेयरों में ऑल टाइम हाई से 8 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। जिसके बाद रिलायंस का मार्केट कैप ऑलटाइम हाई से 1.50 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा साफ हो गया है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर शेयर बाजार में रिलायंस के किस तरह के आंकड़ें देखने को मिल रहे हैं।
रिलायंस के शेयरों में 8 फीसदी से ज्यादा की गिरावट
मई का पहला कारोबारी सप्ताह रिलायंस के लिए शेयर मार्केट में खास नहीं रहा है। इन पांच कारोबारी दिनों में रिलायंस के शेयरों में ऑलटाइम हाई से 8 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। रिलायंस ने पिछले महीने के आखिरी कारोबारी दिन यानी 29 अप्रैल 2022 को अपना 2855 रुपए प्रति शेयर के साथ ऑल टाइम हाई मारा था। उसके बाद 6 मई को कंपनी का शेयर 2621.15 रुपए प्रति शेयर पर आ गया। इसका मतलब है कि इस दौरान कंपनी के शेयर में 233.85 रुपए प्रति शेयर गिरावट देखने को मिली है। अगर फीसदी के हिसाब से बात करें तो यह शेयर ऑलटाइम हाई से 8.19 फीसदी डाउन जा चुका है।
पांच दिनों में 1.50 लाख करोड़ रुपए हुए साफ
वहीं दूसरी ओर मार्केट कैप की बात करें तो इन पांच दिनों में कंपनी को मोटा नुकसान हुआ है। आंकड़ों पर बात करें तो इस कारोबारी सप्ताह में कंपनी का मार्केट कैप ऑलटाइम हाई से 1.50 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा डूब गया। आंकड़ों पर बात करें तो जब कंपनी का शेयर 2855 रुपए पर पहुंचा था तो कंपनी का मार्केट कैप 1931395.20 करोड़ रुपए पर आ गया था, उसके बाद जब एक दिन पहले शुक्रवार को शेयर बाजार में कंपनी का शेयर 2621.15 रुपए बंद हुआ तो कंपनी का मार्केट कैप 1773196.68 करोड़ रुपए पर आ गया। इसका मतलब है कि कंपनी का मार्केट कैप इस दौरान 158198.52 रुपए कम हो गया।
100 बिलियन डॉलर के रेवेन्यू का बनाया रिकॉर्ड
मुकेश अंबानी की कंपनी अब 100 अरब डॉलर से अधिक का एनुअल रेवेन्यू हासिल करने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई है। वित्त वर्ष 2022 में रिलायंस का एनुअल कंसोलिडेटिड रेवेन्यू 792,756 करोड़ (104.6 बिलियन डॉलर) था जो कि 47 फीसदी साल दर साल के हिसाब बढ़ा। कंपनी का वार्षिक पीएटी 10 बिलियन डॉलर के करीब था, क्योंकि यह 26.2 फीसदी की वृद्धि के साथ 67,845 करोड़ (9 बिलियन डॉलर) था। एनुअल कंसोलिडेटिड एबिटडा 28.8 फीसदी के साल दर साल की वृद्धि के साथ 125,687 करोड़ रुपए (16.6 बिलियन डॉलर) रहा। रिलायंस ने खुदरा, डिजिटल सेवाओं और तेल एवं गैस कारोबार में मजबूत वृद्धि दर्ज की।
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