
नई दिल्ली। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार टूटता जा रहा है। गुरुवार को भी डॉलर के मुकाबले रुपए में भारी गिरावट देखने को मिली और यह 77.64 रुपए के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में 17 मई को रुपए की कीमत रिकॉर्ड निचले स्तर 77.79 रुपए तक पहुंच गई थी। हालांकि, बाद में अपने निचले स्तर से इसमें कुछ सुधार आया और यह 77.73 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
रुपया पिछले 10 दिनों के दौरान लगातार कमजोर हुआ है और पांचवी बार निचले स्तर पर बंद हुआ। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कुछ उपाय न किए तो इससे बड़ा नुकसान हो सकता है। विशेषज्ञों के मुतबाक, डॉलर में आ रही मजबूती और ग्लोबल क्रूड कीमतों में तेजी की वजह से भी रुपया कमजोर हो रहा है। पिछले हफ्ते अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों ने भी बाजार का सेंटीमेंट बिगाड़ दिया, जिससे रुपए में तेज गिरावट देखी गई।
महंगाई और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर :
महंगाई की चिंताओं के बीच अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता जा रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि विदेशी निवेशक शेयर बाजारों से लगातार बिकवाली कर रहे हैं और उसका असर रुपए पर भी देखने को मिल रहा है। अप्रैल के महीने में विदेशी निवेशकों ने 22.31 अरब डॉलर की बिकवाली की थी। जबकि मई महीने में 32701.03 करोड़ रुपए की बिकवाली कर चुके हैं।
रुपए को मजबूत करने RBI कर सकता है ये उपाय :
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का विदेशी मुद्रा भंडार 642 अरब डॉलर का हो चुका है। अगर रुपए में लगातार गिरावट बनी रहती है तो आरबीआई इनमें से कुछ फॉरेन रिजर्व बेचकर हालात को काबू में कर सकता है। रुपए को और ज्यादा गिरने से बचाने के लिए आरबीआई ने स्पॉट मार्केट में कुछ डॉलर्स बेचे भी हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक यूक्रेन-रूस के बीच चल रही जंग खत्म नहीं होती तब तक रुपए में तेजी-मंदी बनी रहेगी।
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