
मुंबई. आम बजट से एक दिन पहले शुक्रवार को शेयर बाजारों में गिरावट आई। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स जहां 190 अंक टूट गया, वहीं निफ्टी 12,000 अंक के स्तर से नीचे आ गया। संसद में पेश वित्त वर्ष 2019-20 की आर्थिक समीक्षा में वृद्धि को प्रोत्साहन के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य में ‘ढील’देने का सुझाव दिया गया है। शेयर बाजार शुरुआती कारोबार में मजबूती के रुख के साथ खुलने के बाद दोपहर में बिकवाली दबाव में आ गए।
आर्थिक समीक्षा के बाद ऐसा रहा शेयर मार्केट का हाल
बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाले सेंसेक्स में कारोबार के अंतिम घंटे में जोरदार गिरावट आई। अंत में सेंसेक्स अंतत: 190.33 अंक या 0.47 प्रतिशत के नुकसान से 40,723.49 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसने 41,154.49 अंक का उच्चस्तर छुआ। यह 40,671.01 अंक के निचले स्तर तक भी आया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 73.70 अंक या 0.61 प्रतिशत के नुकसान से 11,962.10 अंक पर आ गया।
अगले वित्त वर्ष में सुधरेंगे हालात
आर्थिक समीक्षा में अनुमान लगाया गया है कि अगले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर सुधरकर 6 से 6.5 प्रतिशत रहेगी। चालू वित्त वर्ष में इसके 5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। हालांकि, समीक्षा में आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहन के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य में ‘ढील’ का सुझाव दिया गया है। कारोबारियों ने कहा कि आर्थिक समीक्षा में कठिन राजकोषीय परिस्थितियों के बारे में बताया गया है। सरकार द्वारा बाजार से अधिक कर्ज लेने पर निजी निवेशक बाजार से बाहर रह जाएंगे। सेंसेक्स की कंपनियों में ओएनजीसी का शेयर सबसे अधिक 5.80 प्रतिशत टूटा। पावरग्रिड, एचसीएल टेक, टीसीएस, टाटा स्टील और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी नुकसान में रहे। ,
बजाज ऑटो और एयरटेल को फायदा
वहीं कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर सबसे अधिक 3.87 प्रतिशत चढ़ गया। उदय कोटक की हिस्सेदारी के संदर्भ में बैंक ने रिजर्व बैंक के साथ अपने विवाद को सुलझा लिया है। एसबीआई का शेयर 2.53 प्रतिशत चढ़ गया। बैंक का दिसंबर तिमाही का शुद्ध लाभ 41 प्रतिशत बढ़कर 6,797.25 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इंडसइंड बैंक, भारती एयरटेल, बजाज आटो और हीरो मोटोकॉर्प के शेयर भी लाभ में रहे। अब सभी की निगाह शनिवार को पेश किए जाने वाले आम बजटपर है। शेयर बाजारों में शनिवार को बजट के दिन सामान्य कारोबार होगा।
सरकार के फैसले पर है निवेशकों की नजर
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि बजट से पहले निवेशक बड़ी पहल से कतरा रहे हैं। अब सभी की निगाह इस बात पर है कि सरकार बजट में वृद्धि को प्रोत्साहन के लिए क्या कदम उठाती है। यदि सरकार इसके लिए खर्च बढ़ाती है तो राजकोषीय घाटा बढ़ सकता है। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप भी नुकसान में रहे। वैश्विक मोर्चे पर निवेशक अभी चीन में फैले कोरोनावायरस के प्रभाव का आकलन कर रहे हैं। कोरोनावायरस की वजह से अब तक चीन में 213 लोगों की मौत हो चुकी है।
इस बीच, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया के कॉस्पी में गिरावट आई। वहीं जापान का निक्की एक प्रतिशत चढ़ गया। चीन के बाजार में अवकाश था। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार नीचे चल रहे थे। ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 0.38 प्रतिशत की बढ़त के साथ 57.55 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में रुपया 25 पैसे की बढ़त के साथ 71.33 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
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