आर्थिक संकट से जूझ रहा ये बैंक, मगर टॉप अफसरों के लिए खरीदी तीन ऑडी; पानी की तरह बहाए इतने करोड़ रुपए

Published : Jun 10, 2020, 04:40 PM ISTUpdated : Jun 10, 2020, 04:43 PM IST
आर्थिक संकट से जूझ रहा ये बैंक, मगर टॉप अफसरों के लिए खरीदी तीन ऑडी; पानी की तरह बहाए इतने करोड़ रुपए

सार

कोरोना महामारी और लॉकडाउन की वजह से पूरे देश में आर्थिक संकट की स्थिति बनी हुई है। इसे देखते हुए कंपनियां अपने खर्च में कटौती कर रही है, लेकिन पंजाब नेशनल बैंक ने इस आर्थिक तंगी के दौर में अपने टॉप अफसरों के लिए  एक करोड़ से भी ज्यादा खर्च कर 3 ऑडी कारें खरीदी हैं।  

बिजनेस डेस्क। कोरोना महामारी और लॉकडाउन की वजह से पूरे देश में आर्थिक संकट की स्थिति बनी हुई है। इसे देखते हुए निजी कंपनियों के साथ ही सरकार भी अपने खर्च में कटौती कर रही है, लेकिन पंजाब नेशनल बैंक ने इस आर्थिक तंगी के दौर में अपने टॉप अफसरों के लिए एक करोड़ से भी ज्यादा खर्च कर 3 ऑडी कारें खरीदी हैं। जानकारी के मुताबिक, पंजाब नेशनल बैंक ने पिछले महीने करीब 1.34 करोड़ रुपए कीमत की तीन लग्जरी कारें खरीदी है। इस खरीद पर सालाना डेप्रिसिएशन लगभग 20 लाख रुपए होगा। बताया गया है कि इन लग्जरी कारों का इस्तेमाल प्रंबध निदेशक और दो अन्य वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक करेंगे। कहा जा रहा है कि इन कारों की खरीद निदेशक मंडल की मंजूरी मिलने के बाद की गई है।

कैबिनेट मंत्री भी नहीं करते इतनी महंगी कार का इस्तेमाल
खास बात यह है कि केंद्र सरकार में सचिव और कैबिनेट मंत्री भी इतनी महंगी कार का इस्तेमाल नहीं करते हैं। वे मारुति सुजुकी सियाज कार में चलते हैं, जो ऑडी की तुलना में काफी सस्ती है। प्रोटोकॉल के मुताबिक, पब्लिक सेक्टर के बैंक के प्रबंध निदेशक का पद केंद्र सरकार में अतिरिक्त सचिव के बराबर होता है। 

स्टेट बैंक के अध्यक्ष चलते टोयोटा में
देश के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष भी इतनी महंगी कार में नहीं चलते हैं, जबकि उनका पद किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक के प्रबंध निदेशक से ऊंचा माना जाता है। भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष टोयोटा कोरोला एल्टिस से चलते हैं।

नई योजना नहीं शुरू करने का निर्देश
कोविड संकट को देखते हुए पिछले सप्ताह वित्त मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों और विभागों को इस वित्त वर्ष में कोई नई योजना नहीं शुरू करने को कहा है। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि आर्थिक संकट को देखते हुए विवेकपूर्ण तरीके से संसाधनों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। साथ ही, यह भी कहा है कि चालू वित्त वर्ष में पहले से स्वीकृत योजनाओं को अगले वर्ष 31 मार्च या अगले आदेश तक निलंबित रखा जाएगा।  

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