
आम लोगों की रसोई का बजट लगातार बिगड़ रहा है। पहले रसोई गैस, दालों और सब्जियों के दाम अब मसालों की कीमत (Spices Price Hike) में भी आग लगनी शुरू हो गई है। जीरा (Jeera Price) इस साल 28 फीसदी से भी ज्यादा महंगा हो गया है। जिसकी वजह से दाम ऑलटाइम हाई पर चले गए हैं। वहीं हल्दी (Turmeric Price) 12 साल और धनिया 7 साल के हाई पर पहुंच गया है। जबकि 2021 से पहले हल्दी और जीरा की कीमत में गिरावट देखने को मिली थी। वहीं 2020 में धनिया (coriander सस्ता हुआ था। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर मौजूदा समय में इन तीनों के दाम कितने हो गए हैं।
जीरा अपने ऑलटाइम हाई पर पहुंचा
बुधवार को जीरे के दाम में 140 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी के साथ 22620 रुपए रुपए प्रति क्विंटल हो गए हैं। इसका मतलब है कि एक किलोग्राम जीरे की कीमत 226 रुपए से ज्यादा हो चुकी है। इस साल जीरा 37.74 फीसदी का इजाफा देखने को मिल चुका है। जबकि 2021 में जीरे की कीमत में 28.35 फीसदी महंगा हुआ था। उससे पहले तीन सालों में जीरा करीब 58 फीसदी सस्ता हुआ था। उसके बाद करीब 14 महीनों में जीरा 66 फीसदी से ज्यादा महंगा हो चुका है।
बीते पांच साल में जीरे का कैलकुलेशन
| साल | कितना महंगा और कितना सस्ता हुआ (फीसदी में) |
| 2018 | -18.31 |
| 2019 | - 8.34 |
| 2020 | - 21.87 |
| 2021 | 28.35 |
| 2022 | 37.74 |
हल्दी 12 साल के हाई पर
हल्दी तकरीबन हर सब्जी में इस्तेमाल की जाती है। इस साल इसमें भी काफी तेजी आई है। अगर बात आज कीर करें तो हल्दी 132 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी के साथ 10164 रुपए प्रति क्विंटल पर कारोबार कर रहा है। इसका मतलब है कि हल्दी दाम वायदा बाजार में 101 रुपए प्रति किलोग्राम से ज्यादा हो गए हैं। जबकि
बीते 14 महीनों में हल्दी की कीमत में 66 फीसदी से ज्यादा इजाफा हो चुका है। 2021 में हलदी की कीमत में 62 फीसदी की तेजी देखने को मिली थी और इस साल अब हल्दी 3.66 फीसदी महंगाी हो चुकी है। जबकि 2018 से लेकर 2020 तक हल्दी में करीब करीब 26 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी।
बीते पांच साल में हल्दी का गणित
| साल | कितना महंगा और कितना सस्ता हुआ (फीसदी में) |
| 2018 | - 13.92 |
| 2019 | - 2.67 |
| 2020 | - 9.70 |
| 2021 | 62.19 |
| 2022 | 3.66 |
पांच साल में दोगुना हो गए धनिया के दाम
बीते पांच सालों में धनिया की कीमत दोगुनी हो गई है। 2018 से लेकर 2022 के बीच में साल 2020 ही ऐसा था, जहां धनिए की कीमत में 14.55 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी। उसके बाद से धनिया करीब करीब 78 फीसदी तेज हो चुका है। 2021 में 50 फीसदी से ज्यादा और इस साल अभी दो महीने ठीक से पूरे भी नहीं हुए 27 फीसदी से ज्यादा का इजाफा देखने को मिल चुका है। मौजूदा समय यानी बुधवार को धनिये की कीमत 156 रुपए की तेजी के साथ 11280 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया है। इसका मतलब है कि वायदा बातार में धनिया करीब 113 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है। जानकारों की मानें तो आज धनिया 7 साल के हाई पर है।
पांच साल किस तरह से बढ़े धनिया के दाम
| साल | कितना महंगा और कितना सस्ता हुआ (फीसदी में) |
| 2018 | 16.08 |
| 2019 | 7.98 |
| 2020 | -14.55 |
| 2021 | 50.09 |
| 2022 | 27.76 |
क्या कहते हैं जानकार
आईआईएफल के वाइस प्रेसीडेंट (कमोडिटी एंड करेंसी) अनुज गुप्ता के अनुसार इंटरनेशनल मार्केट में डिमांड के कारण कीमत में इजाफा देखने को मिल रहा है। इसके पीछे दो और अहम कारण है। बुवाई रकबा कम देखने को मिला जिसकी वजह पैदावार कम हुई और पिछले साल दिसंबर में बेमौसम बारिश ने मसाला फसलों को नुकसान पहुंचाया था। मसालों के लिए भारी निर्यात मांग में लगभग 30 फीसदी से 40 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। जिसकी वजह से मसालों की कीमत में तेजी देखने को मिली है।
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