
बिजनेस डेस्क। यूनीक आईडेंटफिकेशन कार्ड जारी करने वाली भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) आधार कार्ड वेरिफिकेशन प्रोसेस में बड़ा बदलाव करने की योजना बना रही है। स्मार्टफोन के साथ सभी आधार-संबंधित सेवाओं के लिए यूनिवर्सल ऑथेटिकेटर बनने की संभावना है। एक बार यह सुविधा शुरू हो जाने के बाद लोगों को अपने काम के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मौजूदा समय में आधार कार्ड वेरिफिकेशन (Aadhaar Card Verification) प्रोसेस में फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और ओटीपी ऑथेंटिकेशन का उपयोग किया जाता है। जल्द ही, मौजूदा प्रोसेस को आपके रजिस्टर्ड स्मार्टफोन को यूनिवर्सल ऑथेंटिकेशन डिवाइस के रूप में बदल दिया जाएगा।
स्मार्टफोन से हो जाएगा सारा काम
इसका मतलब है कि पेंशन या मुफ्त राशन जैसी सरकारी सेवाओं के लाभार्थियों को फिंगरप्रिंट या आईरिस सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी और इसके बजाय वे आसानी से अपने मोबाइल फोन से प्रोसेस को पूरा करने में सक्षम होंगे। यूआईडीएआई कथित तौर पर मोबाइल फोन को एक यूनिवर्सल ऑथेंटिकेटर के रूप में सक्षम करने के लिए टेक प्रोसेस के साथ बड़े बदलाव के लिए तैयार है और इसके जल्द पूरा होने की संभावना है। एक बार जब यह नई सत्यापन पद्धति लागू हो जाने के बाद यूजर अपने घरों में आराम से सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
यह भी पढ़ें:- Cryptocurrency Ban पर स्वदेशी जागरण मंच का बड़ा बयान, जानिए क्या दी जानकारी
स्मार्टफोन से हो सकेंगे सभी काम
यह भी पढ़ें:- Crypto Bill 2021 पर स्पष्टीकरण से संभला बाजार, Bitcoin में 24 फीसदी का उछाल
80 करोड़ लोगों के मोबाइन बन जाएंगे ऑथेंटिकेटर
रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग 120 करोड़ मोबाइल कनेक्शन हैं, जिनमें से लगभग 80 करोड़ नंबर यूनिवर्सल ऑथेंटिकेटर के रूप में उपयोग के योग्य हैं। वर्तमान में सार्वजनिक डोमेन में इस प्रक्रिया के कामकाज के बारे में अधिक जानकारी नहीं है।
व्यापार समाचार: Read latest business news in Hindi, Investment News, Insurance News, Personal Finance Tips & Budget News Live Updates at Asianet Hindi News