
नई दिल्ली. गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स काउंसिल की 41वीं बैठक गुरुवार को हुई। बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोविड की वजह से जीएसटी कलेक्शन कम हुआ है। वित्त वर्ष 2021 में जीएसटी कलेक्शन में 2.35 लाख करोड़ रुपए की कमी रह सकती है। उन्होंने कोविड को एक्ट ऑफ गॉड बताया। बैठक में कोई बड़ा फैसला नहीं हो सका। उम्मीद जताई जा रही थी कि काउंसिल दोपहिया वाहनों पर टैक्स कटौती को लेकर फैसला कर सकती है। वित्त मंत्री निर्मला ने बताया कि दोपहिया वाहनों पर टैक्स कटौती को लेकर कोई टाइमलाइन तय नहीं है। अब संभावना जताई जा रही है कि काउंसिल की अगली बैठक में इस पर विचार हो सकता है। जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक सितंबर में होगी।
राज्यों ने बकाया भुगतान के लिए मांगा एक सप्ताह का समय
राज्यों को दिए जाने वाले कंपनसेशन (बकाया भुगतान) पर भी बैठक में चर्चा हुई। वित्त मंत्री ने बताया कि राज्यों को कंपनसेशन के दो विकल्प दिए गए। इन दोनों विकल्पों पर विचार के लिए राज्यों ने एक हफ्ते का वक्त मांगा। कंपनसेशन की यह व्यवस्था वित्त वर्ष 2021 के लिए रहेगी। वित्त सचिव ने वित्त वर्ष 2021 में 65 हजार करोड़ रुपए के कंपनसेशन सेस कलेक्शन की उम्मीद जताई। जिन दो विकल्पों की बात की गई उनमें से पहला विकल्प केंद्र उधार लेकर भुगतान करने का रहा जबकि दूसरे विकल्प के रूप में राज्य खुद आरबीआई से उधार लें।
जीएसटी दर बढ़ाने पर फ़िलहाल कोई चर्चा नहीं
बैठक में वित्त सचिव ने बताया कि जीएसटी दरों में बढ़ोतरी को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। वित्त सचिव ने चालू वित्त वर्ष में 3 लाख करोड़ रुपए के कंपनसेशन कलेक्शन की उम्मीद जताई है। वित्त सचिव ने बताया कि राज्यों के जीएसटी कंपनसेशन के लिए अप्रैल से जुलाई अवधि का 1.5 लाख करोड़ रुपए बकाया है। वहीं दूसरी ओर ऑटोमोबाइल सेक्टर लंबे समय से दोपहिया वाहनों पर लगने वाले जीएसटी में कटौती की मांग कर रहा है। मौजूदा समय में दोपहिया वाहनों पर 28 फीसदी जीएसटी लगता है। ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े लोग इसे घटाकर 18 फीसदी करने की मांग कर रहे हैं। जानकारों का मानना है कि अगर GST दरों में कटौती हुई तो दोपहिया वाहनों के दाम 10 हजार तक घट सकते हैं।
वित्त मंत्री ने टू व्हीलर गाड़ियों पर जीएसटी घटाने के सुझाव का किया समर्थन
जीएसटी घटाने के सुझाव पर वित्त मंत्री ने कहा कि ये वास्तव में एक अच्छा सुझाव है, इसे जीएसटी काउंसिल की बैठक में उठाया जाएगा, क्योंकि टू-व्हीलर न तो लग्जरी आइटम है और न ही नुकसानदेह आइटम। इस वक्त टू-व्हीलर पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगता है। सीआईआई की तरफ से कहा गया कि वित्त मंत्री ने भरोसा दिया कि इंडस्ट्री की ओर से दिया गया ये एक बेहतर सुझाव है, इसलिए टू-व्हीलर की जीएसटी दरों में बदलने के बारे में सोचा जाएगा।
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