Agniveer Retention: अब 25% नहीं, 75% अग्निवीरों को मिल सकती है परमानेंट नौकरी? जानें कैसे...

Published : Jul 21, 2026, 06:47 PM IST
Agniveer Retention

सार

केंद्र सरकार की 'अग्निवीर' योजना को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है। सशस्त्र बल अब 4 साल बाद सिर्फ 25% नहीं, बल्कि 50 से 75% अग्निवीरों को स्थायी नौकरी देने पर विचार कर रहे हैं। इससे सेना में युवाओं के लिए स्थायी नौकरी के मौके कई गुना बढ़ जाएंगे।

नई दिल्ली: भारतीय सशस्त्र बलों में भर्ती होने वाले युवाओं के लिए केंद्र सरकार की 'अग्निवीर' योजना से जुड़ी एक बहुत बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है। सशस्त्र बल अब इस नियम को बदलने पर विचार कर रहे हैं, जिसके तहत 4 साल की सर्विस के बाद सिर्फ 25% अग्निवीरों को ही परमानेंट सैनिक के तौर पर रखा जाता था। अब इस लिमिट को बढ़ाकर 50 से 75% तक करने की तैयारी है।

अग्निपथ योजना के तहत चुने गए पहले बैच के अग्निवीरों का 4 साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। इसी बीच, सेना के प्रमुख विंग्स ने इस पॉलिसी में बड़े बदलाव के लिए रक्षा मंत्रालय और 'सैन्य मामलों के विभाग' को एक प्रस्ताव भेजा है। आइए जानते हैं कि किस विंग में कितनी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है।

भारतीय नौसेना सबसे आगे

नौसेना में तकनीकी और जटिल जंगी जहाजों को चलाने के लिए लंबी ट्रेनिंग की जरूरत होती है। इसलिए, नौसेना अपने यहां ट्रेनिंग ले चुके 75% अग्निवीरों को स्थायी सेवा में बनाए रखने में सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखा रही है।

थल सेना और वायु सेना का प्रस्ताव

भारतीय थल सेना और वायु सेना ने मौजूदा 25% की सीमा को बढ़ाकर 50% करने का प्रस्ताव दिया है। इस रिटेंशन लिमिट को बढ़ाने के पीछे कुछ ठोस वजहें हैं, जैसे कि अनुभव और ऑपरेशनल क्षमता को बनाए रखना। 4 साल की कड़ी ट्रेनिंग के बाद आधुनिक हथियार चलाने में माहिर हो चुके अग्निवीरों को सेवा से बाहर करने पर सेना को उनके अनुभव का फायदा नहीं मिल पाता। इसलिए, ट्रेंड सैनिकों को सेना में बनाए रखना जरूरी है।

ट्रेनिंग पर होने वाले खर्च की बचत

हर 4 साल में नए रंगरूटों को जीरो से ट्रेनिंग देना एक महंगा और समय लेने वाला काम है। अगर पहले से ट्रेंड सैनिकों को ही आगे नौकरी पर रखा जाता है, तो इससे सेना का प्रशासनिक खर्च काफी कम हो जाएगा। साथ ही, देश की सीमाओं की सुरक्षा, आधुनिक तकनीक पर आधारित युद्ध शैली और सेना में स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए अच्छी तरह से प्रशिक्षित युवा सैनिकों की जरूरत है।

नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को क्या फायदा?

अगर इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो अग्निवीर बनकर सेना में शामिल होने वाले लाखों युवाओं के लिए परमानेंट नौकरी पाने का मौका तीन गुना तक बढ़ जाएगा। अगर 75% सैनिक स्थायी हो जाते हैं, तो नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंता भी खत्म हो जाएगी।

इसके अलावा, जो 25% सैनिक 4 साल बाद बाहर आएंगे, उनके लिए सशस्त्र सीमा बल, राज्य पुलिस विभागों और भारतीय रेलवे में 10% से 15% तक आरक्षण और 'सेवा निधि' पैकेज जैसी सुविधाएं पहले की तरह ही मिलती रहेंगी।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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