
Reddit Viral Post: कॉलेज से निकलते ही करोड़ों युवाओं का सपना होता है कि उन्हें अच्छी सैलरी वाली नौकरी मिले। लेकिन मौजूदा समय में टेक सेक्टर की बदलती तस्वीर कई प्रतिभाशाली छात्रों के लिए बड़ा झटका बन रही है। हाल ही में एक इंजीनियरिंग छात्र ने रेडिट पर अपना अनुभव शेयर किया, जिसमें उसने बताया कि ₹35 लाख सालाना पैकेज मिलने की पूरी उम्मीद होने के बावजूद आखिरी समय में PPO (Pre-Placement Offer) रद्द हो गया। अब उसके पास केवल ₹6.5 लाख सालाना का बैकअप ऑफर बचा है। यह मामला सिर्फ एक छात्र की कहानी नहीं, बल्कि मौजूदा जॉब मार्केट की चुनौती को भी सामने लाता है।
छात्र ने बताया कि वह 2026 बैच का इंजीनियरिंग ग्रेजुएट है और उसे कैंपस प्लेसमेंट के जरिए 6 महीने की इंटर्नशिप मिली थी। इस इंटर्नशिप के बाद प्रदर्शन के आधार पर ₹35 लाख सालाना CTC वाला PPO मिलने की संभावना थी। इंटर्नशिप के दौरान उसने पूरी मेहनत की और उसके मैनेजर ने भी सकारात्मक फीडबैक देते हुए भरोसा दिलाया कि PPO मिलने की पूरी संभावना है। लेकिन इंटर्नशिप खत्म होने से सिर्फ दो दिन पहले कंपनी ने सभी करीब 90 इंटर्न्स को एक साथ PPO न देने का ईमेल भेज दिया। छात्र के मुताबिक कंपनी ने इस साल नए SDE-1 पदों पर भर्ती नहीं करने का फैसला लिया।
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PPO रद्द होने के बाद छात्र के पास कैंपस प्लेसमेंट के दौरान मिला ₹6.5 लाख सालाना का एक बैकअप ऑफर बचा है। उसकी सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह सैलरी उसके इंटर्नशिप स्टाइपेंड से भी काफी कम है। उसने यह भी कहा कि अच्छी प्रोफाइल, मजबूत रिज्यूमे और Google Summer of Code (GSoC) जैसे अनुभव होने के बावजूद उसे नए इंटरव्यू कॉल नहीं मिल रहे हैं और फ्रेशर्स के लिए जॉब पोस्टिंग भी बहुत कम दिखाई दे रही हैं। नीचे देखें वायरल पोस्ट-
छात्र के इस अनुभव पर कई अनुभवी प्रोफेशनल्स ने व्यावहारिक सलाह दी। अधिकांश लोगों का कहना था कि मौजूदा ऑफर को स्वीकार कर लेना बेहतर होगा, क्योंकि लंबे समय तक बिना नौकरी के रहने से करियर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। उनका सुझाव था कि नौकरी जॉइन करने के बाद नई स्किल्स सीखते रहें, प्रोजेक्ट्स पर काम करें और कुछ महीनों के अनुभव के बाद बेहतर अवसरों के लिए आवेदन करें।
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कई यूजर्स ने यह भी दावा किया कि इस साल कई टेक कंपनियों ने AI पर निवेश बढ़ाने और लागत घटाने की रणनीति के चलते फ्रेशर्स की भर्ती सीमित कर दी है। हालांकि हर कंपनी की स्थिति अलग हो सकती है, लेकिन इतना साफ है कि टेक इंडस्ट्री में एंट्री-लेवल हायरिंग पहले की तुलना में अधिक प्रतिस्पर्धी हो गई है। ऐसे माहौल में विशेषज्ञों की राय यही है कि उपलब्ध अवसर को गंवाने के बजाय अनुभव हासिल करना और लगातार अपस्किलिंग पर ध्यान देना लंबे समय में अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है।
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