UK to India Return Viral Reddit Post: UK से भारत लौट रहे प्रोफेशनल का रेडिट पोस्ट वायरल हो रहा है। वह दुविधा में है कि 29 LPA की WFH नौकरी और 45 LPA के ऑफिस ऑफर में से किसे चुनें। ऐसे में रेडिट यूजर्स ने क्या सलाह दी। जानिए

Viral Reddit Post: करीब 10 साल तक यूनाइटेड किंगडम (UK) में काम करने के बाद भारत लौट रहे एक प्रोफेशनल ने रेडिट पर अपने करियर से जुड़ी ऐसी दुविधा शेयर की, जिससे आज कई एनआरआई और रिटर्निंग प्रोफेशनल्स खुद को जोड़ सकते हैं। उनके सामने दो विकल्प हैं, एक करीब 29 से 31 लाख रुपये सालाना (LPA) की 100% वर्क फ्रॉम होम (WFH) जॉब और दूसरा 45 LPA तक का बेहतर पैकेज लेकिन इसके लिए चेन्नई में जाकर ऑफिस से काम करना होगा। यह सवाल सामने आते ही लोगों ने अपनी-अपनी राय दी। चर्चा का केंद्र सिर्फ सैलरी नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल, परिवार और लॉन्ग टर्म प्लानिंग भी रही।

चंडीगढ़ में रहकर WFH क्यों लग रहा बेहतर विकल्प?

प्रोफेशनल ने बताया कि उनका घर चंडीगढ़ में है। घर, कार और रोजमर्रा के कई बड़े खर्च पहले से व्यवस्थित हैं। इसके अलावा उनके पास लगभग 1 लाख पाउंड (GBP) की बचत भी है। ऐसे में कम्यूट, किराया और दूसरे शहर में बसने जैसी अतिरिक्त लागत से बचा जा सकता है। उनका कहना है कि चंडीगढ़ में रहकर रिमोट जॉब करने से वे अपने फैमिली बिजनेस पर भी ध्यान दे पाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी पिछले 10 वर्षों से उनके पास नहीं थी।

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कम सैलरी, लेकिन बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस- लोगों ने दी सलाह

पोस्ट पढ़ने के बाद कई रेडिट यूजर्स ने सलाह दी। कई लोगों का मानना रहा कि अगर किसी व्यक्ति के बड़े खर्च पहले से तय हैं और वह अपने होमटाउन में रह सकता है, तो 29 LPA जैसी सैलरी भी आरामदायक जीवन के लिए पर्याप्त मानी जा सकती है। खासकर तब, जब नौकरी पूरी तरह रिमोट हो और रोजाना ऑफिस आने-जाने का दबाव न हो। कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि परिवार के साथ रहना और अपने शहर में काम करना मानसिक संतुलन और बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस के लिहाज से बड़ा फायदा साबित हो सकता है। नीचे देखें पोस्ट-

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चेन्नई की नौकरी में ज्यादा पैकेज, लेकिन बढ़ेंगी जिम्मेदारियां

दूसरी ओर, चेन्नई में मिलने वाला 45 LPA का ऑफर आकर्षक जरूर है, लेकिन इसके साथ सप्ताह में चार दिन ऑफिस जाना होगा। अगर प्रोफेशनल को परिवार और बिजनेस के काम से बार-बार चंडीगढ़ आना पड़े, तो समय, यात्रा और एक्स्ट्रा खर्च भी बढ़ सकते हैं। प्रोफेशनल ने यह भी बताया कि विदेशी नागरिक होने के कारण प्रॉपर्टी और पारिवारिक मामलों में उनकी मौजूदगी कई बार जरूरी हो सकती है। ऐसे में लगातार दो शहरों के बीच यात्रा करना व्यावहारिक रूप से मुश्किल हो सकता है।