AI छीन लेगा आपकी नौकरी या खोलेगा नए रास्ते? कंपनियों पर भी मंडरा रहा बड़ा खतरा, KPMG सर्वे में खुलासा

Published : Oct 19, 2026, 02:44 PM IST
AI Job Impact KPMG CEO Survey 2026

सार

AI Job Impact KPMG CEO Survey 2026: AI आपकी नौकरी छीन लेगा या नए मौके खोलेगा? जानिए KPMG सर्वे में 53% कंपनियों ने क्या नए संकेत दिए। साथ ही सर्वें में कंपनियों पर भी बढ़ते एक बड़े खतरे के बारे में बताया गया। पढ़ें पूरी डिटेल।

AI Job Impact: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों के काम करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। इससे जहां कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी बढ़ रही है, वहीं साइबर हमलों और नौकरियों में बदलाव का खतरा भी बढ़ रहा है। KPMG US के चेयरमैन और CEO टिम वॉल्श का मानना है कि AI को साल 2000 में कंप्यूटर सिस्टम फेल होने के डर यानी Y2K जैसी समस्या मानना सही नहीं होगा। AI की चुनौती कहीं ज्यादा व्यापक है, क्योंकि इसका असर कंपनियों की सुरक्षा, कर्मचारियों की भूमिका और भविष्य की भर्ती पर पड़ रहा है।

AI से कंपनियों को सबसे बड़ा खतरा क्या है?

KPMG के 2026 US CEO Outlook सर्वे में 400 CEOs की राय शामिल की गई। इसके मुताबिक, 85% CEO को आशंका है कि अगले तीन वर्षों में साइबर अपराध और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े खतरे उनके कारोबार की तरक्की को प्रभावित करेंगे। करीब 48% कंपनियां इस अवधि में साइबर सुरक्षा पर निवेश बढ़ाने की योजना बना रही हैं। AI के बढ़ते इस्तेमाल ने इन चिंताओं को और गंभीर बना दिया है। सर्वे में शामिल CEOs ने निवेश बढ़ाने के पीछे कई कारण बताए।

  • 78% ने AI की मदद से होने वाले सोशल इंजीनियरिंग हमलों और निशाने पर रखकर किए जाने वाले साइबर अटैक का जिक्र किया।
  • 76% ने AI की मदद से तैयार किए गए मैलवेयर और फिशिंग हमलों को चिंता की वजह बताया।
  • 73% ने AI एजेंट्स से जुड़े डेटा और प्राइवेसी जोखिमों की ओर ध्यान दिलाया।
  • पुराने टेक्नोलॉजी सिस्टम पर निर्भर कंपनियों के लिए चुनौती और बड़ी है। ऐसे में AI अपनाने के साथ डेटा की सुरक्षा मजबूत करना भी जरूरी हो गया है।

ये भी पढ़ें- 4 घंटे की नींद और 14 घंटे काम करना सफलता नहीं, खराब मिसाल! ServiceNow की CFO ने क्यों उठाए सवाल?

क्या AI की वजह से खत्म होंगी नौकरियां?

AI का असर अब कंपनियों की हायरिंग और वर्कफोर्स प्लानिंग पर भी दिखने लगा है। सर्वे के अनुसार, 53% CEOs अगले दो से पांच वर्षों में कुछ विभागों में कर्मचारियों की संख्या घटाने की योजना बना रहे हैं। एक साल पहले यह आंकड़ा 35% था। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनियों में कुल नौकरियां निश्चित रूप से कम हो जाएंगी। सर्वे में 89% CEOs ने अगले तीन वर्षों में अपने संगठनों का कुल वर्कफोर्स बढ़ने की उम्मीद जताई। यानी कंपनियां कुछ भूमिकाओं में कर्मचारियों की संख्या घटा सकती हैं, लेकिन दूसरी तरफ AI और टेक्नोलॉजी से जुड़े कामों के लिए नई भर्तियां भी कर सकती हैं।

ये भी पढ़ें- 'लग रहा था जैसे पैसे चुरा रहा हूं', बिना काम 4.7 करोड़ सैलरी पाने वाले की कहानी

AI के दौर में किन स्किल्स की बढ़ेगी मांग?

KPMG सर्वे के मुताबिक, 86% CEOs इंसानों और AI के साथ मिलकर काम करने के हिसाब से भूमिकाओं और टीमों को नए सिरे से तैयार कर रहे हैं। वहीं, 83% कंपनियां प्रतिभाशाली कर्मचारियों को बनाए रखने और उन्हें नई स्किल्स सिखाने पर ध्यान दे रही हैं। 79% CEOs AI और टेक्नोलॉजी में कुशल लोगों की भर्ती करना चाहते हैं। टिम वॉल्श के मुताबिक, AI बड़े डेटा का विश्लेषण करने और कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने में मदद कर रहा है। इसके बावजूद सेवाएं देने में इंसानी समझ और भागीदारी की जरूरत बनी हुई है।

कुल मिलाकर, AI के दौर में सिर्फ तकनीकी जानकारी ही नहीं, बल्कि नई चीजें सीखने, समस्याएं सुलझाने और तकनीक के साथ काम करने की क्षमता भी अहम होगी। कंपनियों के लिए असली चुनौती यही है कि वे AI का फायदा उठाते हुए साइबर सुरक्षा मजबूत करें और कर्मचारियों को बदलती जरूरतों के लिए तैयार रखें।

PREV

सरकारी नौकरियों की नोटिफिकेशन, परीक्षा तिथियां, एडमिट कार्ड, रिज़ल्ट और कट-ऑफ अपडेट्स पाएं। करियर टिप्स, स्किल डेवलपमेंट और एग्ज़ाम गाइडेंस के लिए Career News in Hindi और सरकारी भर्ती से जुड़े ताज़ा अपडेट्स के लिए Sarkari Naukri सेक्शन देखें — नौकरी और करियर जानकारी भरोसेमंद तरीके से यहीं।

AT
About the Author

Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
Read more Articles on

Recommended Stories

अफ्रीका में बच्चों की स्कूल फीस कितनी है? इंग्लिश पढ़ाने वाले टीचर की सैलरी सुनकर उड़ जाएंगे होश!
4 घंटे की नींद और 14 घंटे काम करना सफलता नहीं, खराब मिसाल! ServiceNow की CFO ने क्यों उठाए सवाल?