CBSE 12th Result 2026: DU, JNU, BHU में एडमिशन कैसे मिलता है? बोर्ड नंबर नहीं, ये है असली फैक्टर

Published : May 04, 2026, 02:42 PM ISTUpdated : May 04, 2026, 02:47 PM IST
CBSE 12th Result 2026

सार

CBSE 12th Result 2026: सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 जल्द ही जारी होने जा रहा है। उससे पहले जानें DU, JNU और BHU जैसे टॉप कॉलेजों में एडमिशन का सिस्टम क्या है। क्या सिर्फ बोर्ड मार्क्स काफी हैं या असली फैक्टर कुछ और है? यहां समझें पूरा प्रोसेस।

CBSE 12th Result 2026: सीबीएसई बोर्ड की ओर से 12वीं रिजल्ट 2026 की घोषणा जल्द ही किए जाने की संभावना है। रिजल्ट जारी होने के बाद परीक्षा में शामिल छात्र ऑफिशियल वेबसाइट cbse.gov.in के माध्यम से अपना रिजल्ट चेक और डाउनलोड कर सकते हैं। इस बीच जानिए दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU), बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) जैसे टॉप यूनिवर्सिटीज में एडमिशन कैसे मिलता है और कितने नंबर लाने जरूरी हैं। दरअसल अब कॉलेज एडमिशन के लिए सिर्फ बोर्ड परीक्षा में हाई स्कोर करना ही काफी नहीं है, क्योंकि कॉलेज एडमिशन का फोकस पूरी तरह एक नए सिस्टम पर शिफ्ट हो चुका है, जानिए टॉप कॉलेजों में एडमिशन पाने का सिस्टम क्या है और कैसे इस सिस्टम से 12वीं में कम नंबर लाने वाले छात्रों को भी एडमिशन पाने का बराबर का मौका मिलता है।

क्या CBSE 12वीं के नंबर तय करते हैं टॉप कॉलेज में एडमिशन?

कुछ साल पहले तक दिल्ली यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों में 95 से 100 प्रतिशत तक के कट-ऑफ आम बात हुआ करते थे और छात्रों पर बोर्ड एग्जाम में टॉप स्कोर करने का भारी दबाव रहता था। लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। मौजूदा सिस्टम में CBSE के नंबर केवल यह साबित करते हैं कि छात्र ने अपनी स्कूल शिक्षा पूरी कर ली है और वह एडमिशन के लिए योग्य है। यानी बोर्ड रिजल्ट अब आपके करियर का एक जरूरी स्टेप जरूर है, लेकिन यह तय नहीं करता कि आपको कौन-सा कॉलेज मिलेगा। असल मुकाबला अब एंट्रेंस एग्जाम में होता है।

DU में एडमिशन कैसे होता है, CUET का क्या रोल है?

दिल्ली यूनिवर्सिटी में अब अंडरग्रेजुएट कोर्सेज में दाखिला पूरी तरह CUET (UG) के जरिए होता है, जिससे एडमिशन प्रक्रिया ज्यादा ट्रांसपेरेंट और एक समान हो गई है। छात्र को पहले CUET में अच्छा स्कोर करना होता है और उसी के आधार पर उसे CSAS पोर्टल के जरिए कॉलेज और कोर्स अलॉट किए जाते हैं। यहां बोर्ड के नंबर सीधे मेरिट लिस्ट में शामिल नहीं होते, लेकिन अगर दो छात्रों का CUET स्कोर समान हो जाता है, तो ऐसे में क्लास 12 या क्लास 10 के नंबर टाई-ब्रेकर के तौर पर काम आते हैं। इसके अलावा कुछ कोर्सेज में न्यूनतम प्रतिशत की शर्त भी हो सकती है, जिसे पूरा करना जरूरी होता है। कुल मिलाकर DU में अब वही छात्र आगे निकलता है जो CUET में बेहतर प्रदर्शन करता है।

JNU में एडमिशन का क्या तरीका है?

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में भी एडमिशन का पैटर्न अब CUET के साथ जुड़ चुका है। यहां भी बोर्ड के नंबर केवल एलिजिबिलिटी के लिए देखे जाते हैं, जबकि चयन पूरी तरह एंट्रेंस स्कोर पर आधारित होता है। छात्रों को CUET में सही सेक्शन चुनना बेहद जरूरी होता है, खासकर अंग्रेजी और जेनरल टेस्ट, क्योंकि ये अधिकतर कोर्सेज के लिए आवश्यक होते हैं। यह देखा गया है कि जिन छात्रों का एकेडमिक बेस मजबूत होता है, वे एंट्रेंस में बेहतर प्रदर्शन करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि केवल हाई स्कोर वाले ही सफल होते हैं। सही तैयारी और स्ट्रैटेजी के साथ कोई भी छात्र अच्छा स्कोर हासिल कर सकता है।

क्या सीबीएसई 12वीं में कम नंबर वाले स्टूडेंट्स के पास भी है बराबर का मौका?

नए सिस्टम की सबसे खास बात यही है कि यह छात्रों को दूसरा मौका देता है। अगर किसी कारण से आपके बोर्ड एग्जाम में अपेक्षित नंबर नहीं आए हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि टॉप यूनिवर्सिटी का सपना खत्म हो गया। जामिया मिलिया इस्लामिया, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और कई अन्य संस्थान भी अब CUET स्कोर के आधार पर ही एडमिशन देते हैं। ऐसे में छात्र अपनी तैयारी को बेहतर बनाकर एंट्रेंस में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं और अपनी पसंद का कॉलेज हासिल कर सकते हैं। यह बदलाव छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर बनकर सामने आया है।

टॉप कॉलेज एडमिशन के लिए 12वीं स्टूडेंट्स क्या करें?

इस बदलते एडमिशन सिस्टम में छात्रों के लिए जरूरी है कि वे अपने फोकस को सही दिशा में रखें। बोर्ड रिजल्ट को लेकर घबराने की बजाय CUET की तैयारी पर ध्यान देना ज्यादा फायदेमंद साबित होगा। सही सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन चुनना, लगातार मॉक टेस्ट देना और टाइम मैनेजमेंट पर काम करना सफलता की कुंजी बन सकता है। जो छात्र अपनी तैयारी को स्मार्ट तरीके से प्लान करते हैं, वही इस कॉम्पिटिशन में आगे निकलते हैं। CBSE Class 12 Result 2026 निश्चित रूप से एक अहम पड़ाव है, लेकिन यह अंतिम फैसला नहीं है। आज के समय में कॉलेज एडमिशन का असली आधार CUET स्कोर बन चुका है। इसलिए अगर आपका लक्ष्य DU, JNU या किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना है, तो आपको अपनी पूरी ऊर्जा एंट्रेंस एग्जाम में शानदार प्रदर्शन करने पर लगानी होगी।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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