जिन नोटबुक्स से आप करते हैं पढ़ाई, कहां से आता है उसका Paper, जानें कागज बनाने की पूरी प्रॉसेस

Published : Nov 02, 2022, 02:17 PM IST
जिन नोटबुक्स से आप करते हैं पढ़ाई, कहां से आता है उसका Paper, जानें कागज बनाने की पूरी प्रॉसेस

सार

क्या आप कागज के बारें में जानते हैं? यह कैसे बनता है, कौन सा कागज सबसे अच्छा होता है और एक पेड़ से कितना कागज बन सकता है? यह कच्चे माल जैसे लकड़ी की लुगदी, गेंहू का पुआल, भूसा, कपड़े के टुकड़े से तैयार किया जाता है।

करियर डेस्क : कागज (Paper) हमारी लाइफ का एक अहम हिस्सा है। घर हो, स्कूल, कॉलेज या फिर ऑफिस हर जगह पेपर का इस्तेमाल होता है। नोट्स बनानी हो या होमवर्क करना हो, पेपर के बिना यह संभव नहीं होता है। हर कोई जानता है कि पेपर पेड़ से बनता है लेकिन क्या आप जानते हैं (Knowledge News) कि यह कौन सा पेड़ होता है? एक पेड़ से कितना पेपर बन सकता है और पेपर बनाने की क्या प्रॉसेस होती है? आइए समझते हैं... 

कागज को समझिए
कागज का इस्तेमाल लिखने में होता है. किताबें इन्हीं कागजों से बनती हैं. कुछ लिखना है, चित्रकारी बनानी है या किसी चीज को ढकना है तो कागज का इस्तेमाल होता है. कच्चे माल जैसे लकड़ी की लुगदी, गेंहू का पुआल, भूसा, कपड़े के टुकड़े या किसी अन्य रेशेदार सामान से कागज तैयार किया जाता है। कागज बनाने में पेड़-पौधों से मिलने वाला सेल्यूलोज का उपयोग होता है।

सेल्यूलोज से बनता है कागज
पेड़-पौधों से जो सेल्यूलोज (Cellulose) एक चिपचिपा पदार्थ होता है. इसी से कागज बनता है। सेल्यूलोज पेड़-पौधों की लकड़ियों में पाया जाता है। सेल्यूलोज के रेशों को जोड़-जोड़कर एक पतली परत बनाई जाती है और इसी तरह कागज बनाया जाता है. कागज की क्वालिटी क्या है, यह सेल्यूलोज की शुद्धता पर निर्भर होती है। यही कारण है कि सेल्यूलोज जितना शुद्ध होता है, उतना ही महंगा भी। 

Softwood या Hardwood पेड़ से तैयार होता है कागज
कागज पेड़ से तो बनता है लेकिन यह हर पेड़ से नहीं बनता। पेपर हमेशा ही Softwood या Hardwood पेड़ से तैयार तैयार होता है। इनमें चीड़ (Pine), मेपल (Maple) भूर्ज (Birch), सनोबर (Fir), हेमलोक (Hemlock), प्रसरल (Spruce), लार्च (Larch) और ​बांज (Oak) के पेड़ शामिल हैं।

कागज बनाने में कितने पेड़ का इस्तेमाल
अब बात कागज बनाने के लिए कितने पेड़ों की आवश्यकता होती है यानी एक पेड़ से कितना कागज तैयार हो सकता है। 12 से 17 पेड़ में एक टन कागज तैयार होता है। हाई क्वालिटी की प्रिंटिंग और मैगजीन के लिए कोटेड पेपर (Coated Paper) का इस्तेमाल होता है। यही कारण होता है कि इसके लिए पल्प (Pulp) की ज्यादा आवश्यकता होती है। इस हिसाब से अगर एक टन पेपर तैयार होगा तो 15 पेड़ों की जरूरत पड़ती है। न्यूजपेपर वाले कागज को बनानेके लिए 12 पेड़ की आवश्यकता पड़ती है।

कागज बनाने की प्रॉसेस 

  • कागज बनाना है तो सबसे पहले ऐसे पेड़ की लकड़ी की तलाश की जाती है, जिसमें रेशों की मात्रा ज्यादा होती है।
  • इसके बाद इस पेड़ की लकड़ी को गोल-गोल टुकड़ों में काट लिया जाता है और छिलके हटाने के बाद उन्हें फैक्ट्री ले जाया जाता है।
  • इसके बाद इस लकड़ी की लुगदी बनाई जाती है। लुगदी बनाने के दो तरीके होते हैं। पहला मैकेनिकल पल्प और दूसरा केमिकल पल्प तरीका।
  • मैकेनिकल के लिए लुगदी बनाने में केमिकल की जरूरत पड़ती है। इस तरीके से कागज का इस्तेमाल न्यूजपेपर या मैगजीन बनाने में होता है। केमिकल पल्प तरीके में जो कागज बनता है वो मैकेनिकल पल्प से बने कागज से ज्यादा चिकना, चमकदार और अच्छी क्वालिटी का होता है।
  • जब पल्प तैयार होता है इसे अच्छी तरीके से पीटा जाता है और फिर उसे निचोड़ा जाता है। इसके बाद इसमें फिलर का इस्तेमाल करता है। ये फिलर चाक, मिट्टी या केमिकल होते हैं और उन्हें मिलाया जाता है।
  • इसके बाद पल्प यानी लुगदी बनाने एक आटोमेटेड मशीन में डाला जाता है। यहीं कागज बनता है। फिर इस कागज को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर मैगजीन, न्यूजपेपर और नोटबुक जैसी चीजें बनाई जाती हैं।

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