क्‍या है बिहार श‍िक्षक भर्ती का मामला : जानें क्यों सड़क पर उतरे उम्मीदवार, क्या है डिमांड

Published : Aug 22, 2022, 07:36 PM ISTUpdated : Aug 22, 2022, 07:47 PM IST
क्‍या है बिहार श‍िक्षक भर्ती का मामला : जानें क्यों सड़क पर उतरे उम्मीदवार, क्या है डिमांड

सार

बिहार में 8 साल बाद एसटीईटी परीक्षा हुई थी। तीन साल पहले 2019 में नोटिफिकेशन जारी किया गया। जनवरी, 2020 में ऑफलाइन मोड में परीक्षा हुई, लेकिन 2-3 सेंटरों पर गड़बड़ियां मिली और परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद सितंबर 2020 में ऑनलाइन एग्जाम हुआ।  

करियर डेस्क : बिहार (Bihar) की राजधानी पटना (Patna) में सोमवार को नौकरी की मांग कर रहे अभ्‍यर्थियों पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। सड़क पर अपनी मांग लेकर उतरे लोग  CTET, STET पास कर चुके उम्‍मीदवार थे। उनकी मांग है कि शिक्षक भर्ती का प्राथमिक नोटिफिकेशन जारी हो। बता दें कि एक दिन पहले ही राज्य के शिक्षामंत्री ने शिक्षा विभाग में साढ़े तीन लाख भर्तियों का ऐलान किया था। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और क्या है इन उम्मीदवारों की डिमांड...

एक हफ्ते पहले बंपर भर्ती का ऐलान
बता दें कि एक हफ्ते पहले 15 अगस्त को मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने ऐलान किया था कि राज्य में 20 लाख भर्तियां की जाएंगी। जिसके बाद शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने जानकारी देते हुए बताया था कि इन भर्तियों में से सबसे ज्यादा भर्ती शिक्षा विभाग में होगी। इस विभाग में साढ़े तीन लाख पद भरे जाएंगे। डाक बंगले पर प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों की मांग है कि पिछले 3 साल से 7वें चरण की शिक्षक बहाली अटकी हुई है। इसलिए सरकार को ऐलान की बजाय आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करना चाहिए।

क्या है शिक्षक भर्ती का पूरा मामला
दरअसल, साल 2006 से बिहार में शिक्षक भर्ती चल रही है। इसे कई चरणों में बांटा गया है। तीन साल पहले 2019 में आखिरी बार 6ठें चरण में भर्तियां की गई थी। तब 94 हजार भर्तियां निकाली गई थीं लेकिन नियुक्ति सिर्फ 42 हजार पदों पर ही की गई। साल 2022 में उन्हें नियुक्ति पत्र मिला। जबकि 50 हजार से ज्‍यादा पद खाली रह गए। अब तीन साल बीत चुके हैं लेकिन इस भर्ती को लेकर किसी तरह का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। उम्मीदवार बेरोजगार हैं और उनकी मांग है कि सरकार जल्द से जल्द इन भर्तियों को पूरा करे।

उम्मीदवारों की क्या है डिमांड
इस भर्ती का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों की डिमांड है कि खाली बची सीटों को जल्द से जल्द भर्ती की जाए। यानी 7वें चरण की भर्ती जल्द ही शुरू की जाए। उनकी एक और मांग यह है कि  इस भर्ती में आवेदन की प्रकिया को ऑनलाइन किया जाए ताकि उम्‍मीदवारों की ज्यादा भागदौड़ न करनी पड़े और उनके गैरजरूरी खर्च भी न हो। बता दें कि बिहार में शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। उम्मीदवारों को नौकरी पाने के लिए अलग-अलग नियोजन इकाई में जाकर आवेदन करना पड़ता है। राज्य में 8 हजार से ज्यादा पंचायतें हैं। इसके अलावा नगर परिषद, नगर पंचायत, जिला परिषद जैसी इकाईयां भी हैं। अब जो भी उम्मीदवार आवेदन करना चाहता है वह खुद इन जगहों पर जाकर आवेदन करे या फिर पोस्ट के जरिए अपना आवेदन फॉर्म भेजे। नियुक्ति की ज्यादा संभावना हो, इसलिए एक अभ्यर्थी कम से कम 100 से 150 नियोजन इकाईयों में आवेदन करता है। इससे उनके काफी खर्चे होते हैं और परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है।

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