
करियर डेस्क : हरियाणा (Haryana) में 60 हजार छात्रों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। अब तक 1,338 अस्थाई स्कूलों को एक्सटेंशन नहीं मिल पाया है। जिसका खामियाजा छात्रों को उठाना पड़ा है। इसकी वजह से 60 हजार छात्र-छात्राएं बोर्ड का फॉर्म नहीं भर पाए हैं। इससे छात्र और उनके गार्जियन परेशान हो गए हैं। इधर, प्राइवेट स्कूल संघ हरियाणा को राज्य के करीब 3200 अस्थायी स्कूलों को स्थायी मान्यता का इंतजार है। सरकार ने घोषणा पत्र में भी यह वादा किया है। वहीं, एक्सटेंशन न पाने वाले स्कूलों ने भी गुहार लगाई है।
मिलेगा एक्सटेंशन या बंद होंगे स्कूल
प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू का कहना है कि बोर्ड फॉर्म को भरने की आखिरी तारीख 21 दिसंबर, 2022 है। स्थायी स्कूलों में बोर्ड फॉर्म भरे जा रहे हैं, जबकि अस्थायी स्कूलों को एक्सटेंशन का इंतजार है। एक्सटेंशन न मिलने की वजह से इन स्कूलों को भिवानी बोर्ड से एफिलिएशन नहीं मिल सकी है। इसकी वजह से इन स्कूलों की पोर्टल आईडी बंद हो गई है। सरकार से मांग की गई है कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए इन स्कूलों को एक्सटेंशन लेटर जारी किया जाए। ताकि बच्चों का भविष्य खराब होने से बच जाए।
संकट में 60 हजार भविष्य
एक आंकड़े के मुताबिक, इन 1338 स्कूलों में नर्सरी से 12वीं तक करीब पांच लाख छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। 10वीं और 12वीं बोर्ड में ही 60 हजार छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। ये छात्र बोर्ड फॉर्म भरने से वंचित हैं। जानकारी के मुताबिक, अस्थायी स्कूलों ने स्पोर्ट्स फंड भी शिक्षा विभाग में जमा कर दिया है। शिक्षा विभाग की तरफ से आयोजित खेलों में भी बच्चों ने पार्टिसिपेट किया है। अब बच्चों, उनके अभिभावक और स्कूलों को इंतजार है सरकार के फैसले का।
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