
एजुकेशन डेस्क। असम हायर सेकेंडरी एजुकेशन काउंसिल (AHSEC) ने आर्ट्स स्ट्रीम के लिए नए सेशन 2023-24 के लिए बोडो मीडियम लागू करने की घोषणा की है। काउंसिल ने यह फैसला इस लिए लिया है कि एजुकेशन के तमाम माध्यम के बीच बोडो भाषा को एक मीडियम के तौर पर सेलेक्ट करते हुए स्टूडेंट उसमें आगे तक पढ़ाई कर सकें।
बोडो भाषा में सब्जेक्ट्स होने से स्टूडेंट्स जल्दी सीखेंगे
AHSEC issued notification for bodo language: शिक्षा मंत्री रानोज पेगू ने ट्वीट कर कहा है कि बोडो मीडियम में अब हिस्ट्री, जॉग्रफी, एजुकेशन, फिलॉसफी, इकोनॉमिक्स, पॉलिटिकल साइंस, लर्निंग इनवायरमेंट, मैथ्स और स्वदेश अध्ययन सब्जेक्ट होंगे। स्टूडेंट्स जब बोडो भाषा में इन सभी सब्जेक्ट को पढ़ सकेंगे तो उन्हें समझने में भी आसानी होगी।
AHSEC Decision For Bodo Language: छात्र-छात्राओं को जब अपनी भाषा में स्टडी मैटीरियल मिलेगा तो आसानी से उसे समझकर याद भी कर सकेंगे। इसके अलावा सब्जेक्टस से उनका जुड़ाव भी होगा। वह और इंटरेस्ट लेकर अपने सब्जेक्ट को पढ़ेंगे। इस निर्णय की बोडो कम्यूनिटी और बोडोलैंड टेरीटोरियल एरिया के नेताओं ने भी सराहना की है।
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instruction of Bodo language as medium: सीएम हिमंत विश्व शर्मा ने निर्णय को सराहा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने इसे लेकर ट्वीट किया है कि चाहे असमिया, बंगाली, बोडो या संथाली या जो भी भाषा हो, हम यही चाहते हैं कि युवाओं के पास उस भाषा में अध्ययन करने का विकल्प हो, जिसमें वे सबसे अधिक सहज हों। यह शिक्षा को सही मायने में मजबूत बनाएगा। जैसा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में दिया गया है। उन्होंने यह भी लिखा है कि हम सभी को कम से कम एक स्वदेशी लैंगवेज सीखनी चाहिए।
बोडो मीडियम लागू करने के लिए एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस को असम हायर सेकेंडरी एजुकेशन काउंसिल से कॉन्टैक्ट करना होगा। इस संबंध में एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस 5 जून 2023 तक ahsec2@yahoo.com पर ईमेल भी कर सकते हैं।
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