
Air India Layoffs: एयर इंडिया एयरलाइन ने 180 एंप्लॉयी को नौकरी से निकाल दिया है। ये एंप्लॉयी अलग-अलग डिपार्टमेंट में नॉन-फ्लाइंग रोल में काम कर रहे थे। छंटनी को लेकर एयरलाइन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि निकाले गये स्टाफ कंपनी द्वारा प्रदान की गई वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम और री स्किल ऑपर्च्युनिटी का लाभ उठाने में भी असमर्थ रहे। विभिन्न भूमिकाओं में ये कहीं फीट नहीं बैठे इसलिए अंतत: कंपनी ने इन्हें नौकरी से बाहर कर दिया।
टाटा ग्रुप ने किया था अधिग्रहण
बता दें कि घाटे में चल रही एयर इंडिया के स्वामित्व में जनवरी 2022 में बदलाव आया जब इसे टाटा समूह द्वारा अधिग्रहित कर लिया गया। तब से नया मैनेजमेंट एयरलाइन के बिजनेस मॉडल को अधिक कुशल और टिकाऊ बनाने के लिए जोर-शोर से काम कर रहा है। एयर इंडिया के एक प्रवक्ता के अनुसार एडजस्टमेंट के हिस्से के रूप में नॉन फ्लाइंग कैपिसिटी में काम करने वाले कर्मचारियों को संगठन की आवश्यकताओं और प्रत्येक व्यक्ति की योग्यता और क्षमताओं के अनुसार भूमिकाएं आवंटित की गई। पिछले 18 महीनों में सभी कर्मचारियों की उपयुक्तता का आकलन करने के लिए एक व्यापक प्रक्रिया का पालन किया गया। इस चरण के दौरान कर्मचारियों को कई स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजनाएं और पुन: कौशल के अवसर भी प्रदान किए गए हैं। यह भी बताया कि कर्मचारियों में से 1 प्रतिशत से भी कम हैं जो लोग वीआरएस या रीस्किलिंग अवसरों का उपयोग करने में सक्षम नहीं हुए। और ये किसी रोल में फीट नहीं बैठे जिसके बाद इनकी छंटनी की गई है।
करीब 180 स्टाफ की छंटनी
एयरलाइन ने छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों की सटीक संख्या नहीं बताई है लेकिन रिपोर्ट है कि यह संख्या 180 के आसपास है। ये लंबे समय से सेवारत कर्मचारी थे। एयर इंडिया के वर्कफोर्स में लगभग 18,000 व्यक्ति शामिल हैं। अब एयरलाइन का फोकस यंग टैलेंट पर है जिनकी लगातार हायरिंग भी की जा रही है। पुराने एंप्लॉयी को VRS और री-स्किलिंग का मौका दिया गया था लेकिन जो स्टाफ इन दोनों में असफल रहे उन्हें अब बाहर कर दिया गया है।
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