CBSE या ICSE कॉम्पिटिटिव एग्जाम के लिए बेस्ट स्कूल बोर्ड कौन सा है?

Published : Oct 03, 2025, 07:02 PM IST
CBSE vs ICSE competitive exams

सार

CBSE or ICSE Which is Better: सीबीएसई और आईसीएसई में से कौन सा बोर्ड प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सही है। पढ़ें दोनों के सिलेबस, तैयारी के फायदे। कैसे सही बोर्ड चुनें?

CBSE vs ICSE Competitive Exams: हर साल लाखों भारतीय स्टूडेंट्स और उनके पैरेंट्स के लिए एक अहम फैसला होता है कि किस स्कूल बोर्ड को चुनें। यह सिर्फ रोजाना क्लास या पढ़ाई का सवाल नहीं है, बल्कि यह छात्रों के भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर भी असर डाल सकता है। UPSC, JEE, NEET और CUET जैसी कठिन परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए सही बोर्ड का चयन बहुत मायने रखता है। दो सबसे लोकप्रिय बोर्ड CBSE और ICSE एक दूसरे से काफी अलग एजुकेशन देते हैं। CBSE को अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए शॉर्टकट माना जाता है, जबकि ICSE गहराई और व्यापक शिक्षा प्रदान करता है। लेकिन सवाल यह है कि कौन सा बोर्ड वास्तव में स्टूडेंट्स को प्रतियोगी परीक्षा में फायदा पहुंचाता है?

CBSE: प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में मददगार?

CBSE का सिलेबस इस तरह से डिजाइन किया गया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी आसान हो। CBSE का समान सिलेबस पूरे भारत में होता है, जिससे स्टूडेंट्स को कोचिंग और स्टडी मटेरियल आसानी से मिल जाता है। 2026 से कक्षा 10 के लिए दो-एग्जाम फॉर्मेट की शुरुआत भी होने वाली है, जो परीक्षा का दबाव कम करेगा और स्कोर सुधारने का मौका देगा। एक्सपर्ट के अनुसार CBSE उन छात्रों के लिए बेहतर है, जो JEE या NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। इसका सिलेबस इन एग्जाम्स के अनुरूप है, और यह पूरे भारत में मान्यता प्राप्त है।

ICSE: गहराई और होलिस्टिक लर्निंग

दूसरी ओर, ICSE का सिलेबस ज्यादा डिटेल और गहराई वाला है। इसमें भाषाओं, आर्ट्स और साइंसेस पर समान ध्यान दिया जाता है। यह छात्रों में विषयों की गहरी समझ, एनालिटिकल स्किल्स और कम्युनिकेशन स्किल्स विकसित करता है। लेकिन जब बात JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की आती है, तो ICSE स्टूडेंट्स को एक्स्ट्रा मेहनत करनी पड़ती है। क्योंकि ICSE का सिलेबस इन एग्जाम्स से पूरी तरह मेल नहीं खाता। एक्सपर्ट के अनुसार ICSE का सिलेबस गहन है, लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत पड़ती है।

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CBSE और ICSE में फर्क

पहलू  CBSEICSE
सिलेबस का फोकस प्रतियोगी परीक्षाओं के लिएगहराई और व्यापक शिक्षा
पढ़ाई की शैली  स्ट्रक्चर्ड, परीक्षा-ओरिएंटेडडिटेल्ड, होलिस्टिक
अतिरिक्त तैयारी कम जरूरीजरूरी, खासकर JEE, NEET के लिए
देशभर में मान्यता उच्च उच्च

CBSE और ICSE सही बोर्ड कैसे चुनें?

  • बोर्ड का चुनाव छात्र के करियर गोल और लर्निंग प्रिफरेंस पर निर्भर करना चाहिए।
  • अगर लक्ष्य इंजीनियरिंग, मेडिकल या तकनीकी प्रतियोगी परीक्षा है, तो CBSE सही है।
  • अगर लक्ष्य विस्तृत और संतुलित शिक्षा है, तो ICSE बेहतर है, लेकिन प्रतियोगी परीक्षा के लिए एक्स्ट्रा तैयारी करनी होगी।
  • दोनों बोर्ड क्वालिटी एजुकेशन देते हैं, लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं में सीधे मार्ग की तलाश रखने वाले छात्रों के लिए CBSE एक स्ट्रॉन्ग ऑप्शन साबित होता है।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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