
कर्नाटक हाई कोर्ट को साइबर हमले का सामना करना पड़ रहा है। हैकरों ने उसके वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म में सेंध लगाकर लाइव कार्यवाही के दौरान अश्लील मटेरिअल स्ट्रीम की। मुख्य न्यायाधीश वराले ने सुरक्षा की आवश्यकता पर बल देते हुए इस सुविधा को तुरंत निलंबित कर दिया। भविष्य के हमलों को रोकने के लिए साइबर सुरक्षा उपायों के साथ-साथ जांच भी चल रही है। जानें पूरा मामला...
वीडियो कॉन्फ्रेंस सुविधा को तत्काल निलंबित किया गया
कर्नाटक हाई कोर्ट को एक चौंकाने वाले साइबर हमले का सामना करना पड़ा, जब इसका वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म हैकर्स का शिकार हो गया। जिसके बाद हैकर्स ने लाइव कार्यवाही के दौरान बेशर्मी से अश्लील फुटेज अपलोड किए। इस उल्लंघन के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंस सुविधा को तत्काल निलंबित कर दिया गया, जिससे चल रही कार्यवाही बाधित हुई साथ ही इस घटना से साइबर सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गईं।
रेगुलर सेशन के दौरान हुई घटना
यह घटना एक रेगुलर सेशन के दौरान सामने आई, जहां अदालत द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप में साइबर हैकर्स ने सेंध लगा दी थी। दुस्साहसिक कदम में हैकर्स ने न केवल सिस्टम में सेंध लगाई बल्कि अश्लील कंटेंट भी अपलोड की, जिससे चिंता पैदा हो गई।
मुख्य न्यायाधीश प्रसन्ना बी. वराले ने कही ये बात
मुख्य न्यायाधीश प्रसन्ना बी. वराले ने साइबर अटैक की गंभीरता को संबोधित करते हुए कहा- जैसे ही हाई कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान यह निंदनीय कृत्य सामने आया, चल रही सुनवाई अचानक रोक दी गई। न्यायमूर्ति वराले ने कहा, इस साइबर सिक्येारिट उल्लंघन के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंस सुविधा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है और स्थिति को सुधारने के प्रयास जारी हैं। साइबर अटैक के कारण कोर्ट में अश्लील वीडियो का प्रसारण हुआ, जिससे कार्यवाही में क्षणिक बाधा उत्पन्न हुई और इस प्लेटफॉर्म की सिक्योरिटी के बारे में चिंताएं बढ़ गईं। न्यायमूर्ति वराले ने अदालत की कार्यवाही की अखंडता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल निलंबन की अनिवार्य आवश्यकता पर जोर दिया। न्यायमूर्ति वराले ने जोर देकर कहा, सुरक्षा उल्लंघन के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंस प्रणाली को तत्काल निलंबित करना आवश्यक है। हालांकि मामले की जांच और इसे ठीक करने की कोशिश तुरंत की जा रही है, हमारी कार्यवाही की सुरक्षा को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण है।
मजबूत साइबर सिक्योरिटी उपायों की तत्काल आवश्यकता
कर्नाटक हाई कोर्ट पर यह खतरनाक साइबर हमला डिजिटल सिस्टम के बारे में गंभीर चिंता पैदा करता है, खासकर अदालती कार्यवाही जैसे संवेदनशील मामले में। कोर्ट एडमिनिस्ट्रेशन, साइबर सिक्येारटी एक्सपर्ट के साथ, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जांच कर रहा है। इस घटना ने न केवल कानूनी कार्यवाही को बाधित किया, बल्कि ऐसे दुर्भावनापूर्ण हमलों से बचाव के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा उपायों की तत्काल आवश्यकता को भी रेखांकित किया है।
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