
जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत की 10 में से नौ कंपनियों में आईटी सेवा फर्म में नियुक्तियों में गिरावट आई है। मिंट की सोमवार की रिपोर्ट के अनुसार यह पहली बार है कि 25 साल में आईटी सेक्टर में नियुक्तियां कम हुई हैं। भारत के आईटी क्षेत्र में भर्तियों को देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण वृद्धि माना जाता है। इसका कारण पश्चिमी देशों द्वारा खर्च में कटौती और भू-राजनीतिक तनाव को माना जा रहा है।
तिमाही की शुरुआत में इन कंपनियों में 2.11 मिलियन कर्मचारी अब घटकर 2.06 मिलियन
मिंट के अनुसार 31 मार्च, 2024 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में पहली बार ऐसा होने की संभावना है कि आईटी कंपनियों के पास वित्तीय वर्ष की शुरुआत की तुलना में कम कर्मचारी होंगे। जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2) के अंत में टॉप 10 भारतीय आईटी सर्विस कंपनियों में वर्कफोर्स घटकर 2.06 मिलियन हो गया। तिमाही की शुरुआत में इन कंपनियों में 2.11 मिलियन कर्मचारी हुआ करते थे।
इन कंपनियों के स्टाफ में गिरावट आई
समाचार रिपोर्टों के अनुसार केवल एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज में कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। Q2 में कंपनी ने 32 कर्मचारियों को जोड़ा इस प्रकार कर्मचारियों की संख्या 22,265 के अबतक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। जबकि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, एचसीएल, विप्रो, टेक महिंद्रा और पर्सिस्टेंट सहित अन्य प्रमुख कंपनियों के कर्मचारियों की संख्या में गिरावट देखी गई।
इन्फोसिस का हाल
इन्फोसिस के एक अधिकारी के अनुसार कंपनी में नई भर्ती नहीं हो रही है ऐसा नहीं है। लेकिन इतनी संख्या में भर्ती नहीं हो रही कि नैचुरली कंपनी छोड़ने वाले लोगों की संख्या की भरपाई की जा सके। इसलिए यह कहा जा सकता है कि शुरुआत की तुलना में वर्ष के अंत में वर्कफोर्स कम हो सकता है।
नए टैलेंट ऑप्शन पर विचार करने का समय
स्टाफिंग फर्म टीमलीज डिजिटल के मुख्य कार्यकारी सुनील चेम्मनकोटिल के अनुसार यह आईटी दिग्गजों के लिए टेस्टिंग टाइम है। जब टैलेंट स्ट्रेटजी की बात आती है तो डील के प्रकार बदलने, मार्जिन पर दबाव और बढ़ती अनिश्चितता के कारण उनके लिए बहुत कम विकल्प बचते हैं। वर्ष की तुलना में अंत में निश्चित रूप से कर्मचारियों की संख्या कम होगी। शायद, लेटेस्ट प्रोडक्टिविटी बढ़ाने वाली तकनीकों के साथ-साथ स्टाफिंग और गिग्स जैसे नए टैलेंट ऑप्शन पर विचार करने का समय आ गया है।
भारतीय आईटी कंपनियों में कुल 51,744 नौकरियां गईं
बता दें कि भारतीय आईटी कंपनियों में कुल 51,744 नौकरियां गईं। कई कंपनियों ने दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद आगामी तिमाहियों के लिए अपने रेवेन्यू प्रोजेक्शंस में भी कटौती की है।
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