
IPS Alankrita Singh Resignation Accepted: IPS अधिकारी बनने का सपना हजारों लोग देखते हैं, लेकिन 2008 बैच की आईपीएस अधिकारी अलंकृता सिंह ने यह सपना पूरा करने के बाद अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया। उनका इस्तीफा मंजूर भी कर लिया गया। उनकी विदेश यात्रा और बिना अनुमति लंदन जाने के मामले ने खूब सुर्खियां बटोरीं। आइए जानते हैं, आखिर कौन हैं अलंकृता सिंह और उनकी विदेश यात्रा पर ऐसा क्या हुआ कि उन्हें आईपीएस पद छोड़ना पड़ा।
अलंकृता सिंह मूल रूप से जमशेदपुर, झारखंड की रहने वाली हैं। 2008 में यूपीएससी परीक्षा पास करने के बाद वह आईपीएस अधिकारी बनीं। अपनी सेवा के दौरान, उन्होंने चार साल तक मसूरी के लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में डिप्टी डायरेक्टर के रूप में काम किया। बाद में, वह उत्तर प्रदेश महिला और बाल संरक्षण संगठन में बतौर एसपी तैनात रहीं।
2021 में, अलंकृता सिंह बिना विभागीय अनुमति और छुट्टी लिए लंदन चली गईं। लंदन पहुंचने के बाद, उन्होंने व्हाट्सऐप कॉल के जरिए महिला एवं बाल संरक्षण संगठन के तत्कालीन एडीजी को यह जानकारी दी कि वह लंदन में हैं। उनके अचानक विदेश जाने और छुट्टी मंजूर न होने पर विभाग ने उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी।
जब अलंकृता सिंह ने 20 अक्टूबर 2021 को दफ्तर में रिपोर्ट नहीं की, तो इसे गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता माना गया। इसके बाद, उनके खिलाफ ऑल इंडिया सर्विस (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1969 के तहत कार्रवाई की गई। 23 दिसंबर 2021 को उन्हें आरोपपत्र दिया गया। चार महीने बाद, उन्हें लखनऊ डीजीपी मुख्यालय से अटैच कर दिया गया और निलंबित कर दिया गया। निलंबन के दौरान, उन्हें निर्वाह भत्ता (सब्सिस्टेंस अलाउंस) दिया गया और यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि वह किसी अन्य रोजगार या व्यापार में शामिल नहीं हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अलंकृता सिंह के पति लंदन में रहते हैं। व्यक्तिगत कारणों के चलते उन्होंने आईपीएस पद से इस्तीफा देने का फैसला किया। निलंबन के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार को अपना इस्तीफा भेजा, जो हाल ही में मंजूर किया गया।
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अलंकृता सिंह की बिना अनुमति विदेश यात्रा और विभागीय कार्रवाई ने यह मामला चर्चा में ला दिया। सरकारी सेवा में नियमों और अनुशासन के महत्व को इस मामले ने एक बार फिर उजागर किया। हालांकि, अलंकृता ने अपने निजी जीवन को प्राथमिकता देते हुए आईपीएस पद छोड़ने का फैसला किया।
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इस्तीफे के बाद, अलंकृता अब लंदन में अपने परिवार के साथ हैं। उनकी कहानी यह बताती है कि सरकारी सेवा में काम करते समय नियमों का पालन कितना जरूरी है, साथ ही व्यक्तिगत जीवन और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना भी बड़ी चुनौती हो सकती है।
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