पूजा खेडकर का नया पैंतरा: 12 बार परीक्षा दी, लेकिन 7 बार की गिनती मत करो!

Published : Aug 30, 2024, 04:27 PM ISTUpdated : Aug 30, 2024, 04:33 PM IST
puja khedkar

सार

Puja Khedkar: पूर्व IAS ट्रेनी पूजा खेडकर ने दिल्ली हाई कोर्ट से गुजारिश की है कि सिविल सेवा परीक्षा में उनके 12 प्रयासों में से 7 को नजरअंदाज कर दिया जाए। उनका दावा है कि उन्हें सिर्फ 'दिव्यांग' श्रेणी के तहत ही प्रयासों की गिनती करनी चाहिए।

पूर्व ट्रेनी IAS पूजा खेडकर ने दिल्ली हाई कोर्ट से एक अनोखी गुजारिश की है। कहा है कि उन्होंने सिविल सर्विसेज परीक्षा 12 बार दी, लेकिन कोर्ट से निवेदन है कि इनमें से 7 प्रयासों को नजरअंदाज कर दिया जाए। पूजा खेडकर ने कहा कि वो शारीरिक रूप से विकलांग हैं और सिर्फ उनके 'दिव्यांग' श्रेणी के प्रयासों को ही माना जाए। उन्होंने महाराष्ट्र के एक अस्पताल से मिला सर्टिफिकेट दिखाते हुए कहा कि उनके बाएं घुटने में गंभीर चोट है, जो उन्हें विकलांग श्रेणी में लाती है। उनका दावा है कि उनकी विकलांगता 47% है, जबकि सरकार का मानक 40% है।

अगर कोर्ट उनका यह अनुरोध मान लेता है, तो उनके कुल प्रयासों की संख्या घटकर 5 रह जाएगी, जो कि दिव्यांग श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए तय अधिकतम सीमा से 4 कम है और सामान्य श्रेणी के लिए तय सीमा से 1 कम। पूजा खेडकर ने उस आरोप को भी खारिज किया है जिसमें UPSC ने उन पर नाम और सरनेम और माता-पिता का बदलने का आरोप लगाया था।

पूजा खेडकर का नाम तब विवादों में आया जब उन पर परीक्षा में पास होने के लिए गलत तरीके से ओबीसी प्रमाण पत्र बनवाने और विकलांगता का झूठा दावा करने के आरोप लगे। उनकी गतिविधियों पर तब शक बढ़ा जब यह सामने आया कि उन्होंने अपनी निजी गाड़ी पर 'महाराष्ट्र सरकार' का स्टीकर और सायरन लगाया था, जो कि उनके पद के अधिकार क्षेत्र से परे था।

अब पूजा खेडकर की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। उन्हें धोखाधड़ी और जालसाजी के गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके तहत उन्होंने कथित रूप से सरकारी सुविधाओं का दुरुपयोग किया और परीक्षा में अनुचित लाभ उठाया। पूजा ने कोर्ट से अग्रिम जमानत की अपील की है, लेकिन इस पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि निचली अदालत ने पहले ही उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। पूजा खेडकर का यह मामला न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन को प्रभावित कर रहा है, बल्कि यह सिविल सर्विसेज की प्रतिष्ठा पर भी सवाल खड़े कर रहा है। 

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...

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